Police alert for Chardham Yatra, 1250 CCTV cameras and 15 drones will be used for monitoring.
देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा को लेकर पुलिस व प्रशासन की तैयारियां लगभग पूरी ही हो चुकी हैं। इस बार यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व ट्रैफिक प्रबंधन को हाईटेक बनाने के लिए 1250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए भी जा रहे हैं। इनमें 92 कैमरे धाम परिसरों में, जबकि बाकी कैमरे पूरे यात्रा मार्ग के अलग-अलग संवेदनशील स्थानों पर स्थापित भी किए जाएंगे। इसके साथ ही 15 ड्रोन हर वक्त आसमान से निगरानी भी रखेंगे।
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार समीक्षा बैठकें भी की जा रही हैं। पूरे रूट को 16 जोन, 43 सुपर जोन व 149 सेक्टर में बांटा गया है। यात्रा शुरू होने से सात दिन पहले ही पुलिस फोर्स की तैनाती भी कर दी जाएगी।
संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर
पुलिस ने यात्रा मार्ग पर 52 बॉटल नेक, 109 लैंडस्लाइड जोन व 274 दुर्घटना संभावित प्वाइंट चिन्हित किए हैं। इनमें सबसे अधिक बॉटल नेक रुद्रप्रयाग में 16 व चमोली में 10 हैं। वहीं टिहरी में 50 लैंडस्लाइड जोन सबसे ज्यादा संवेदनशील भी माने गए हैं। सभी जगहों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा चुके हैं और पर्याप्त पुलिस बल के साथ उपकरण तैनात भी किए जाएंगे।
15 ड्रोन से होगी आसमान से निगरानी
यात्रा के दौरान हरिद्वार में 4, टिहरी में 2, उत्तरकाशी में 3 व चमोली रूट पर 2 ड्रोन लगातार निगरानी करेंगे। बाकी ड्रोन अन्य संवेदनशील रूटों पर लगाए जाएंगे, ताकि भीड़, ट्रैफिक व आपदा जैसी स्थितियों पर तुरंत नजर रखी जा सके।
45 हजार से ज्यादा वाहनों की पार्किंग व्यवस्था
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार पूरे यात्रा मार्ग पर 45 हजार से अधिक छोटे व बड़े वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की गई है।
- हरिद्वार: 17 पार्किंग स्थल, 39,950 छोटे और 4,880 बड़े वाहन
- देहरादून: 17 स्थल, 2,300 छोटे और 1,680 बड़े वाहन
- रुद्रप्रयाग: 18 स्थल, 2,165 छोटे और 275 बड़े वाहन
- चमोली: 31 स्थल, 1,020 छोटे और 350 बड़े वाहन
- उत्तरकाशी: 6 स्थल, 1,210 छोटे और 900 बड़े वाहन
- पौड़ी: 13 स्थल, 1,455 छोटे और 750 बड़े वाहन
- टिहरी: 14 स्थल, 1,165 छोटे और 450 बड़े वाहन
ये रहेंगी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्थाएं
यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए कई विशेष इंतजाम किए गए हैं—
- टूरिस्ट पुलिस सहायता केंद्र: 57
- आपदा टीमें: 80 स्थानों पर
- SDRF टीमें: 37 स्थानों पर
- फायर सर्विस: 30 टीमें
- जल पुलिस: 32 स्थानों पर
पुलिस का कहना है कि इस बार चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित व तकनीक आधारित निगरानी के साथ संचालित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी भी न हो।
