गंगोत्री धाम में स्नान घाट बंद होने पर तीर्थ पुरोहितों का विरोध, प्रशासन से जल्द खोलने की मांग
उत्तरकाशी: गंगोत्री धाम में सुरक्षा कारणों से स्नान घाटों को बंद किए जाने का तीर्थ पुरोहितों ने विरोध भी किया है। प्रशासन ने मुख्य भागीरथी शिला स्नान घाट समेत कई घाटों को बांस के बैरिकेड लगाकर बंद भी कर दिया है, जिससे श्रद्धालु गंगा स्नान ही नहीं कर पा रहे हैं।
प्रशासन ने यह कदम हाल ही में हुई दुर्घटनाओं के बाद उठाया भी है। बीते दिनों चेन्नई की एक महिला श्रद्धालु गंगा स्नान के दौरान नदी में ही बह गई थीं, जबकि इससे पहले भी 2 यात्री तेज बहाव की चपेट में भी आ चुके हैं। इन घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर घाटों पर प्रतिबंध भी लगाया गया है।
हालांकि, गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए घाटों को बंद भी कर रहा है। उनका आरोप है कि लंबे समय से घाटों की सुरक्षा व मरम्मत की मांग की जा रही थी, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम ही नहीं उठाया गया। अब श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ व गंगा स्नान से वंचित किया जा रहा है।
तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि एसडीआरएफ, पुलिस व आईटीबीपी के जवानों को घाटों पर तैनात कर सुरक्षा सुनिश्चित भी की जा सकती है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द स्नान घाटों को खोलने की मांग भी की है।
वहीं जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता भी है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के बाद भागीरथी शिला के पास स्थित मुख्य स्नान घाट को दोबारा से खोल दिया जाएगा।