जौलीग्रांट एसडीआरएफ मुख्यालय में फेज-2 का विस्तार, 27 करोड़ से बनेंगी आधुनिक रेस्क्यू ट्रेनिंग सुविधाएं

देहरादून: एसडीआरएफ मुख्यालय जौलीग्रांट में प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार के लिए फेज-2 के तहत करीब 27.25 करोड़ रुपये की लागत से आउटडोर ट्रेनिंग कंपोनेंट से जुड़े विभिन्न निर्माण कार्य भी किए जाएंगे। इस परियोजना के लिए शासन से वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य भी शुरू कर दिए जाएंगे।

एसडीआरएफ मुख्यालय रेस्क्यू व प्रशिक्षण दोनों दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण संस्थान है। यहां जवानों व अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण देकर राज्य के विभिन्न स्थानों पर तैनात भी किया जाता है। साथ ही अन्य जगहों से आने वाले जवानों व आपदा मित्रों को भी यहां प्रशिक्षित किया जाता है, ताकि आपदा की स्थिति में राहत व बचाव कार्य प्रभावी ढंग से किया जा सके।

फेज-2 के तहत करीब 8 हेक्टेयर भूमि पर आउटडोर प्रशिक्षण से जुड़े कई आधुनिक ढांचे विकसित किए जाएंगे। इन सुविधाओं के बनने के बाद एसडीआरएफ कर्मियों व प्रशिक्षुओं को और अधिक उन्नत और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

गौरतलब है कि फेज-वन में एसडीआरएफ मुख्यालय का निर्माण पूरा कर 9 जनवरी 2023 को विभाग को भी सौंप दिया गया था। इस चरण में एडमिन ब्लॉक, ट्रेनिंग ब्लॉक, बहुउद्देशीय हॉल, गेस्ट हाउस, बैरक, स्टोर, सड़क मार्ग, ट्रेड कॉम्प्लेक्स, 105 परिवारों के लिए आवास, एमटी गैरेज व अन्य कार्यालयों का निर्माण किया गया था।

फेज-2 में स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू, हाई एटीट्यूड रेस्क्यू ट्रेनिंग, रोपवे रेस्क्यू, रेस्क्यू डॉग के लिए ऑब्स्टेकल कोर्स, एसडीआरएफ कर्मियों के लिए ऑब्स्टेकल ट्रेनिंग, डीप डाइविंग पूल, सरफेस वाटर सर्च एंड रेस्क्यू पूल, आउटडोर डेमोंस्ट्रेशन एरिया, साइट डेवलपमेंट कार्य, आउटडोर ट्रेनिंग उपकरणों की खरीद व पर्यावरण मॉनिटरिंग जैसे कार्य किए जाएंगे।

सेनानायक अपर्ण यदुवंशी के अनुसार, यू-प्रीपेर योजना के तहत फेज-2 के लिए लगभग 27 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। इन सुविधाओं के विकसित होने से एसडीआरएफ कर्मियों के साथ-साथ यहां प्रशिक्षण लेने आने वाले प्रशिक्षुओं को और अधिक कठोर व आधुनिक प्रशिक्षण भी मिल सकेगा, जिससे आपदा प्रबंधन क्षमता व मजबूत होगी।