NEET PG Counselling 2026: Keep rank, college cut-offs, documents, and fees in mind before filling in choices.
नीट पीजी काउंसलिंग 2026 में दाखिले के लिए विकल्प भरते समय अभ्यर्थियों को अपनी रैंक, पसंदीदा विशेषज्ञता, कॉलेज की सुविधाओं और भविष्य की करियर योजनाओं को ध्यान में रखना चाहिए। एमडी, एमएस या अन्य स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रम चुनने से पहले संबंधित विषय के पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण व्यवस्था और मरीजों के उपचार का व्यावहारिक अनुभव देने वाली सुविधाओं की जानकारी जुटाना जरूरी है। केवल कॉलेज की लोकप्रियता के आधार पर फैसला लेने के बजाय यह देखना चाहिए कि वहां पढ़ाई और क्लिनिकल प्रशिक्षण की गुणवत्ता कैसी है।
कॉलेजों और पाठ्यक्रमों की प्राथमिकता सूची तैयार करते समय अपनी नीट पीजी रैंक, आरक्षण श्रेणी और पात्रता को ध्यान में रखें। पिछले वर्षों की कटऑफ से संभावित कॉलेजों का अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन इससे दाखिले की गारंटी नहीं मिलती। इस वर्ष सीटों की उपलब्धता, अभ्यर्थियों की पसंद और प्रतिस्पर्धा के आधार पर कटऑफ में बदलाव हो सकता है। इसलिए विकल्प भरते समय पहले अपनी पसंद के कॉलेज और पाठ्यक्रम रखें, इसके बाद रैंक के अनुरूप संभावित विकल्प तथा अंत में अन्य उपयुक्त संस्थानों को शामिल करें।
काउंसलिंग की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखना भी महत्वपूर्ण है। इनमें नीट पीजी 2026 का प्रवेश पत्र, रैंक पत्र, एमबीबीएस की डिग्री या अस्थायी प्रमाणपत्र, सभी आवश्यक अंकतालिकाएं, इंटर्नशिप पूरी करने का प्रमाणपत्र और चिकित्सा पंजीकरण प्रमाणपत्र शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा वैध सरकारी पहचान पत्र और लागू होने पर आरक्षित श्रेणी का प्रमाणपत्र भी तैयार रखें। पंजीकरण के दौरान दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करनी पड़ सकती हैं, जबकि प्रवेश के समय मूल दस्तावेजों का सत्यापन किया जा सकता है। अभ्यर्थियों को मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) की आधिकारिक सूचना पुस्तिका में दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
काउंसलिंग में पंजीकरण के लिए निर्धारित शुल्क और सुरक्षा जमा राशि का भुगतान करना होता है। उपलब्ध शुल्क विवरण के अनुसार, अखिल भारतीय कोटे और संबंधित केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सीटों के लिए सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों का पंजीकरण शुल्क 1,000 रुपये और सुरक्षा जमा राशि 25,000 रुपये बताई गई है। वहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए संबंधित श्रेणियों में पंजीकरण शुल्क 500 रुपये और सुरक्षा जमा राशि 10,000 रुपये है। पंजीकरण शुल्क सामान्यतः वापस नहीं किया जाता, जबकि सुरक्षा जमा राशि की वापसी काउंसलिंग के निर्धारित नियमों पर निर्भर करती है। अभ्यर्थियों को भुगतान से पहले एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम शुल्क विवरण की पुष्टि करनी चाहिए।
एमसीसी के माध्यम से अखिल भारतीय कोटे की 50 प्रतिशत स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों के साथ डीम्ड विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के संस्थानों और अन्य संबंधित संस्थानों की सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाती है। वहीं, राज्य कोटे की सीटों के लिए संबंधित राज्यों की काउंसलिंग संस्थाएं अलग से प्रक्रिया संचालित करती हैं। इसलिए अभ्यर्थियों को अपनी पात्रता और पसंदीदा संस्थान के आधार पर सही काउंसलिंग प्रक्रिया का चयन करना चाहिए।
दिव्यांग श्रेणी के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को लागू पात्रता और मूल्यांकन संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। काउंसलिंग के दौरान पंजीकरण, विकल्प भरने, सीट आवंटन और प्रवेश से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं के लिए एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से देखते रहना चाहिए। सही जानकारी, दस्तावेजों की तैयारी और सोच-समझकर भरे गए विकल्प नीट पीजी 2026 में दाखिले की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद कर सकते हैं।
