उत्तराखण्ड नैनीताल उच्च न्यायलय ने हरिद्वार के धनोरी में लीज पर ली गई पट्टे की जमीन के वाटर चैनल पर अतिक्रमण कर मकान बनाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए खण्डपीठ ने सरकार से दो सप्ताह में अतिक्रमण हटाकर रिपोर्ट पेश करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने सरकार को यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को सुरक्षा मुहैय्या कराई जाए। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद के लिए तय हुई है।
मामले के अनुसार धनोरी निवासी राकेश ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि उनके गांव में एक वाटर चैनल है। वाटर चैनल की जगह को सरकार ने 5 वर्ष के लिए लीज पर दे दिया था। लीज समाप्त हुए कई वर्ष बीत गए, लेकिन विपक्षी ने उसके ऊपर पक्का मकान बना लिया है। मकान बनने से पानी का मार्ग अवरुद्ध हो गया, जिसकी वजह से नहर का पानी लोगों के घरों में घुस गया। जब इसकी शिकायत प्रशासन से की गई तो अतिक्रमणकारी ने याचिका कर्ता के साथ मारपीट भी की। जनहित याचिका में न्यायालय से मांग की गई है कि वाटर चैनल से अतिक्रमण हटाया जाए और उन्हें शुरक्षा भी दिलाई जाय।
