Joint Parliamentary Committee will visit Uttarakhand on May 20 to discuss One Country, One Election
“एक देश, एक चुनाव” को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) 20 मई को उत्तराखंड के दौरे पर आ रही है। इस अहम समिति में गढ़वाल से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी समेत कुल 40 सांसद भी शामिल हैं। समिति अपने देशव्यापी विचार-विमर्श अभियान की शुरुआत महाराष्ट्र व उत्तराखंड से कर रही है।
जेपीसी 20 से 22 मई तक उत्तराखंड में विभिन्न राजनैतिक, प्रशासनिक और सामाजिक प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श भी करेगी। समिति की अध्यक्षता सांसद पी.पी. चौधरी कर रहे हैं।
देहरादून में होगा संवाद, जुटेंगे सुझाव
20 मई की शाम को समिति देहरादून पहुंचेगी। अगले दिन 21 मई को जेपीसी के सदस्य राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक व विभिन्न विभागों — गृह, वित्त, कानून और शिक्षा — के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात भी करेंगे। इसके अलावा समिति एनटीपीसी और टीएचडीसी जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों से भी संवाद करेगी।
राजनीतिक दलों और समाज से होगा सीधा संवाद
जेपीसी अपने दौरे के दौरान प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर “एक देश, एक चुनाव” पर उनकी राय लेगी। 22 मई को समिति राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों से बातचीत भी करेगी और उनके सुझावों को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
कानूनविद, शिक्षाविद और लोक कलाकार भी होंगे शामिल
समिति का यह दौरा केवल प्रशासनिक दायरे तक सीमित नहीं रहेगा। जेपीसी उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिवक्ताओं, बार काउंसिल के सदस्यों, आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों व राज्य के लोक कलाकारों से भी विचार-विमर्श भी करेगी।
देशभर में रायशुमारी के बाद संसद में पेश होगी रिपोर्ट
उत्तराखंड दौरे के बाद संयुक्त संसदीय समिति देश के अन्य राज्यों का दौरा करेगी और “एक देश, एक चुनाव” पर राष्ट्रव्यापी रायशुमारी के आधार पर अंतिम रिपोर्ट संसद में पेश भी करेगी।
