International Yoga Day in Bhararisain Diplomats from 8 countries participated, were overwhelmed by Chholiya dance and Himalayan beauty
गैरसैंण (भराड़ीसैंण)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मेजबानी का गवाह भी बना। इस अवसर पर 8 देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों व प्रतिनिधियों ने विधानसभा परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम में भाग भी लिया।
जैसे ही विदेशी प्रतिनिधि भराड़ीसैंण पहुंचे, उनका पारंपरिक तिलक, छोलिया नृत्य व लोक संगीत के साथ भव्य स्वागत भी किया गया। विदेशी मेहमान उत्तराखंड की वादियों, स्वच्छ वातावरण व हिमालयी प्राकृतिक सौंदर्य से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने यहां के दृश्य अपने कैमरों में कैद किए और छोलिया नृत्य कर रहे कलाकारों के साथ फोटो भी खिंचवाए।
मुख्यमंत्री ने किया पारंपरिक सम्मान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी मेहमानों को उत्तराखंडी परंपरा के अनुसार अंगवस्त्र, शंख, टोपी व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है कि अंतरराष्ट्रीय मंच के प्रतिनिधियों ने देवभूमि की संस्कृति व योग परंपरा को इतनी आत्मीयता से अपनाया।
योग दिवस कार्यक्रम में उमड़ा उत्साह
योग और उत्तराखंड की संस्कृति के समन्वय से सजे इस आयोजन का आयोजन आयुष और आयुष शिक्षा विभाग की ओर से किया गया। कार्यक्रम में सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा दीपेंद्र चौधरी, आईजी गढ़वाल राजीव श्वरूप, विधायक अनिल नौटियाल (कर्णप्रयाग) और भूपाल राम ठम्टा (थराली), राज्य मंत्री रामचंद्र गौड़, सतीश लखेड़ा, चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी सहित कई लोग मौजूद भी रहे।
योग के साथ जुड़ी सांस्कृतिक पहचान
इस आयोजन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि उत्तराखंड केवल योग व अध्यात्म का केंद्र ही नहीं, बल्कि समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अतिथि सत्कार की परंपरा का जीवंत उदाहरण भी है। अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मौजूदगी ने इस आयोजन को एक वैश्विक पहचान दी और उत्तराखंड की सांस्कृतिक शक्ति को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत भी किया।
