In Uttarakhand, the Congress will launch an assembly constituency-wise 'Save the Land' campaign starting November 4; senior leaders have been entrusted with the responsibility.
उत्तराखंड में कांग्रेस चार नवंबर से विधानसभा वार भूमि बचाओ अभियान शुरू करने जा रही है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं और विधायकों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रदेश महासचिव संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी ने इस संबंध में प्रभारियों की सूची जारी की है।
जारी सूची के अनुसार, नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सप्पल और जिलाध्यक्ष को प्रभारी बनाया गया है। अल्मोड़ा में विधायक मनोज तिवारी और पूर्व विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। रानीखेत में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और हल्द्वानी में विधायक तिलक राज बेहड़ व सुमित हृदयेश अभियान की कमान संभालेंगे।
वहीं, भीमताल में विधायक भुवन कापड़ी और आदेश चौहान को प्रभारी बनाया गया है। देहरादून और ऋषिकेश में पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और जिलाध्यक्ष को जिम्मेदारी दी गई है। विकासनगर में प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और मसूरी में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल अभियान का नेतृत्व करेंगे।
इसके अलावा टिहरी विधानसभा क्षेत्र में विधायक विक्रम सिंह नेगी और लखपत बुटोला को प्रभारी बनाया गया है। हरिद्वार में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक ममता राकेश, अनुपमा रावत और रवि बहादुर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, रानीपुर विधानसभा क्षेत्र में विधायक फुरकान अहमद और विरेंद्र जाती को अभियान का प्रभारी बनाया गया है।
कांग्रेस का यह अभियान प्रदेशभर में विधानसभा स्तर पर चलाया जाएगा। इसके लिए पार्टी ने संगठन के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी देकर अभियान की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
