Four families from Simalt left homeless by a landslide are spending their nights in tents without electricity.
सिमल्ट गांव में भूस्खलन का खतरा चार परिवारों के लिए मुसीबत बना हुआ है। पुश्तैनी मकानों में दरारें आने के बाद प्रभावित परिवार खेतों में लगाए गए टेंट में रहने को मजबूर हैं। टेंट में बिजली की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को रात के अंधेरे में डर के साये में समय बिताना पड़ रहा है। वहीं, अपने घरों को खोने की चिंता भी उन्हें लगातार सता रही है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित रीना देवी, कमला देवी, विमला देवी और मुन्ना लाल के परिवारों को टेंट उपलब्ध कराए गए हैं। ग्रामीण खेतों में टेंट लगाकर दिन-रात गुजार रहे हैं। इस वजह से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो गई है।
रीना देवी, कमला देवी सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि टेंट में बिजली नहीं है। खेतों में रहने के कारण जंगली सूअर और गुलदार जैसे वन्यजीवों का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों ने चिंता जताते हुए सवाल किया कि आखिर उन्हें कब तक टेंट में रहकर गुजारा करना पड़ेगा।
वहीं, उपजिलाधिकारी अलकेश नौडियाल ने बताया कि प्रशासन सिमल्ट गांव के प्रभावित परिवारों के लगातार संपर्क में है। ग्रामीणों को हो रही परेशानियों को दूर करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
