Discussion and voting on the supplementary budget to take place in the Uttarakhand Legislative Assembly today; 9 bills will also be taken up; Umesh Kumar announces his resignation.
उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दूसरे दिन बुधवार को अनुपूरक बजट पर चर्चा व मतदान होना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगें सदन में प्रस्तुत की जाएंगी। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय कार्यक्रम के अनुसार अनुदान संख्या एक से 31 तक की मांगों पर चर्चा व मतदान होगा। इसके साथ ही उत्तराखंड विनियोग (2026-27 अनुपूरक) विधेयक, 2026 को सदन में पेश करने, उस पर विचार करने व पारित करने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। वहीं, सत्र के पहले दिन सदन में पेश किए गए विधेयकों पर भी चर्चा और उन्हें पारित करने की कार्यवाही भी निर्धारित की गई है।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में दूसरे दिन का एजेंडा भी तय किया गया था। पहले दिन संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने उत्तराखंड माल व सेवा कर संशोधन अध्यादेश सदन के पटल पर रखा। इसके अलावा उत्तराखंड सिंचाई जल निकासी विधेयक, राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक, निवेश एवं आधारभूत संरचना विकास व विनियमन संशोधन विधेयक, जन विश्वास उपबंधों का संशोधन विधेयक और अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक समेत विभिन्न विधेयक पेश भी किए गए। इनमें शिक्षा अधिनियम संशोधन, सिविल विधि संशोधन, अग्निशमन एवं आपात सेवा, माल व सेवा कर संशोधन और निजी विश्वविद्यालय द्वितीय संशोधन विधेयक भी शामिल हैं। इसके साथ ही विभिन्न आयोगों और विभागों की वार्षिक रिपोर्ट भी सदन के पटल पर भी रखी गईं।
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के इस्तीफे के ऐलान ने राजनीतिक हलचल भी बढ़ा दी है। उमेश कुमार ने सदन में इस्तीफा देने की घोषणा भी की है। उन्होंने विपक्ष पर किसानों की समस्याओं व भ्रष्टाचार के मुद्दों पर अपेक्षित सहयोग नहीं देने का आरोप लगाया। उमेश कुमार का कहना है कि साढ़े चार वर्ष तक उन्होंने किसानों की लड़ाई और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर विपक्ष से समर्थन की उम्मीद की, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
उमेश कुमार ने इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों के करीब 118 करोड़ रुपये के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह बकाया करीब दो वर्ष से लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान नहीं होने के कारण कई किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2023 में हरिद्वार में आई आपदा से फसलों को हुए नुकसान, किसानों की आरसी काटे जाने, किसान क्रेडिट कार्ड के ब्याज में राहत नहीं मिलने और बिजली के बकाया बिलों के चलते कनेक्शन काटे जाने जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि अगली बार वह सदन में कुछ अन्य लोगों के साथ पहुंचने का प्रयास भी करेंगे, ताकि इन मुद्दों को मजबूती से भी उठाया जा सके।
उधर, भराड़ीसैंण विधानसभा में दूसरे दिन की कार्यवाही के लिए मंत्री, विधायक व विभिन्न विभागों के अधिकारी पहुंचे। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा भवन के बाहर कांग्रेस विधायकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायक भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर धरने पर भी बैठ गए। विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित मुद्दों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई। ऐसे में विधानसभा के भीतर अनुपूरक बजट और विधायी कार्यवाही के साथ-साथ बाहर विपक्ष का धरना भी दूसरे दिन की प्रमुख राजनीतिक गतिविधियों में भी शामिल रहा।
