Amendments to the 'Jan Vishwas' (Public Trust) Bill in Uttarakhand penalties to be reduced and fines increased across several laws.
देहरादून: उत्तराखंड में व्यापार को आसान बनाने व कानूनी प्रावधानों में बदलाव के लिए प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड जन विश्वास उपबंधों का संशोधन विधेयक सदन में पेश किया है। मंगलवार को पेश किए गए इस विधेयक में कई कानूनों के तहत सजा की अवधि कम करने और जुर्माने की राशि बढ़ाने का प्रस्ताव भी किया गया है।
संशोधन विधेयक के तहत उत्तराखंड मत्स्य अधिनियम, 2003 में विभिन्न उल्लंघनों के लिए जुर्माने की राशि बढ़ाने का प्रावधान भी है। इसके तहत 500 रुपये के जुर्माने को बढ़ाकर 5,000 रुपये, 1,000 रुपये को बढ़ाकर 10,000 रुपये और 2,000 रुपये को बढ़ाकर 20,000 रुपये करने का प्रस्ताव भी है। वहीं, एक प्रावधान के तहत 3 वर्ष की सजा की अवधि घटाकर दो महीने करने का प्रस्ताव भी किया गया है।
इसी तरह, उत्तराखंड जल प्रबंधन एवं नियामक अधिनियम, 2013 की संबंधित उपधारा में एक वर्ष की सजा को घटाकर 6 महीने करने का प्रावधान किया गया है।
वहीं, उत्तराखंड लोक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत एक वर्ष की सजा को घटाकर 3 महीने करने और जुर्माने की राशि 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये करने का प्रस्ताव भी है।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश पाठ्य पुस्तक अधिनियम, 1978 की धारा 8 में जुर्माने की अधिकतम राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक करने का प्रावधान भी किया गया है।
सरकार का उद्देश्य इन संशोधनों के जरिए व्यापार व कारोबारी गतिविधियों को आसान बनाना और विभिन्न कानूनों के तहत दंडात्मक प्रावधानों में बदलाव करना है। हालांकि, इन बदलावों की अंतिम स्थिति विधेयक पर सदन की कार्यवाही और पारित होने की प्रक्रिया पर ही निर्भर करेगी।
