Clouds may hinder the sighting of the moon on Karwa Chauth; an alert for rain and strong winds has been issued for Chandigarh.
चंडीगढ़: करवाचौथ पर चांद का इंतजार इस बार महिलाओं के लिए थोड़ा लंबा हो सकता है। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को चंडीगढ़ और ट्राइसिटी में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। ऐसे में शाम को चंद्रमा के दर्शन करने और पूजा के बाद व्रत खोलने वाली महिलाओं को आसमान साफ होने का इंतजार करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 29 और 30 अक्टूबर को मौसम बदल सकता है। कुछ स्थानों पर बारिश के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।
रात 8:09 से 8:12 बजे के बीच चंद्रोदय का अनुमान
मौसम केंद्र के निदेशक सुरेन्द्र पाल के अनुसार, चंडीगढ़ में करवाचौथ पर चंद्रोदय का अनुमानित समय रात करीब 8:12 बजे है। हालांकि, यह खगोलीय गणना पर आधारित समय है। चंद्रमा निकलने के बावजूद बादलों के कारण उसके दर्शन में देरी हो सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों को ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी है। खुले स्थानों पर पूजा की तैयारी करने वाले परिवारों को तेज हवाओं को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।
इन शहरों में चंद्रोदय का संभावित समय
- एसएएस नगर (मोहाली): रात 8:09 बजे
- चंडीगढ़ और पंचकूला: रात 8:09 बजे
- करनाल: रात 8:09 बजे
- पटियाला और लुधियाना: रात 8:10 बजे
- रूपनगर: रात 8:10 बजे
- सोनीपत: रात 8:11 बजे
- अमृतसर, जालंधर और कपूरथला: रात 8:12 बजे
- मोगा: रात 8:13 बजे
- बठिंडा और मानसा: रात 8:16 बजे
ये समय अनुमानित हैं। वास्तविक दर्शन मौसम और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।
बारिश से तापमान में गिरावट के आसार
मंगलवार को चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक था। वहीं, न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश और बादलों के कारण आने वाले दिनों में दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है।
करवाचौथ पर कैसे की जाती है पूजा?
सेक्टर-30 स्थित शिव शक्ति मंदिर के पुजारी पंडित श्याम सुंदर शास्त्री ने बताया कि करवाचौथ पर महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती हैं और इसके बाद व्रत शुरू होता है। दिनभर निराहार रहने के बाद शाम को सोलह शृंगार कर पूजा की तैयारी की जाती है। दोपहर बाद करवाचौथ की कथा सुनी जाती है।
रात को चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद महिलाएं पति और परिवार के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर व्रत खोलती हैं।
वृष राशि में रहेंगे चंद्रमा
आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री के मुताबिक, इस बार करवाचौथ पर चंद्रमा वृष राशि में रहेंगे। उन्होंने बताया कि वृषभ को चंद्रमा की उच्च राशि माना जाता है और इस दौरान मृगशिरा नक्षत्र का भी संयोग बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महिलाएं इस अवसर पर पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
