Buses and heavy vehicles plying on the Quarab bypass despite the 'no-entry' restriction.
अल्मोड़ा जिले के क्वारब बाईपास पर जिला प्रशासन के आदेशों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने इस मार्ग पर अग्रिम आदेशों तक बसों और भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाई है, लेकिन शुक्रवार को नो-एंट्री के बावजूद बसें और भारी वाहन इसी प्रतिबंधित मार्ग पर दौड़ते नजर आए।
क्वारब बाईपास पर लगातार हो रहे भूस्खलन और यात्रियों की जान पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए प्रशासन ने केवल हल्के वाहनों को ही इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी थी। बसों और बड़े वाहनों के लिए अल्मोड़ा-विश्वनाथ-शहरफाटक मोटर मार्ग यानी राज्य मार्ग-13 और खैरना-रानीखेत मोटर मार्ग यानी राज्य मार्ग-14 को वैकल्पिक मार्ग के तौर पर निर्धारित किया गया था। प्रशासन ने वाहन चालकों से जान जोखिम में न डालने की सख्त अपील भी की थी, लेकिन इसका जमीनी स्तर पर असर दिखाई नहीं दिया।
शुक्रवार को नियमों को ताक पर रखकर प्रतिबंधित रूट से ही बसों और भारी वाहनों का संचालन जारी रहा। जिम्मेदार विभागों की लापरवाही और वाहन चालकों की मनमानी किसी बड़े हादसे को न्योता देती नजर आ रही है।
प्रशासन की ओर से कहा गया था कि क्वारब बाईपास की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी और जब मार्ग सुरक्षा की दृष्टि से पूरी तरह सुरक्षित पाया जाएगा, तभी बसों और बड़े वाहनों के संचालन को दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा। इसके बावजूद यात्रियों की जान जोखिम में डालकर वाहनों को बाईपास से ही गुजारा गया। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर आवाजाही के दौरान कोई बड़ा हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
प्रभारी डीएम और सीडीओ अल्मोड़ा रामजी शरण शर्मा ने कहा कि आदेशों के उल्लंघन पर पुलिस को निर्देशित किया जाएगा और प्रशासन हर हाल में आदेश का पालन कराएगा। उन्होंने साफ कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
