भाजपा ने उत्तराखंड चुनाव के लिए कसी कमर, दूसरे राज्यों के नेताओं की बढ़ी सक्रियता
देहरादून: 5 राज्यों के चुनाव संपन्न होने के बाद अब भाजपा ने उत्तराखंड में आगामी चुनावों की तैयारियां तेज भी कर दी हैं। राज्य स्तर पर 2 सर्वे कराए जाने के साथ ही केंद्रीय नेतृत्व ने भी लगातार तीसरी बार जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति पर भी काम शुरू कर दिया है। इसी के तहत दूसरे राज्यों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की उत्तराखंड में सक्रियता बढ़ने लगी है, जो आने वाले दिनों में और भी तेज हो सकती है।
भाजपा ने हालिया चुनावों में उत्तराखंड के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को विभिन्न राज्यों में प्रचार की जिम्मेदारी भी सौंपी थी। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत करीब एक साल तक चुनावी राज्यों में सक्रिय रहे, जबकि भाजपा युवा मोर्चा समेत कई पदाधिकारियों को पश्चिम बंगाल चुनाव में भी लगाया गया था। राजस्थान के विधायकों का दल भी बंगाल में प्रचार के लिए भी भेजा गया था। इसके अलावा कई राज्यों के सांसद, मंत्री व विधायक चुनावी मोर्चे पर जुटे रहे।
अब पार्टी का फोकस उत्तराखंड पर ही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विभिन्न राज्यों के नेता व संगठन पदाधिकारी प्रदेश में पहुंचने लगे हैं। इनमें से कई नेता चारधाम यात्रा के साथ-साथ प्रदेश के राजनीतिक माहौल का आकलन भी करेंगे। केंद्रीय नेतृत्व अपने स्तर पर अलग से सर्वे कराने की तैयारी में है, ताकि चुनावी स्थिति की स्पष्ट तस्वीर सामने भी आ सके। साथ ही विधायकों की कार्यशैली व प्रदर्शन का भी मूल्यांकन किया जा रहा है।
भाजपा संगठन बूथ मैनेजमेंट में उत्तराखंड को मजबूत इकाई भी मानता है। यही वजह है कि पहले भी प्रदेश के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को दूसरे राज्यों के चुनावों में जिम्मेदारियां भी दी जाती रही हैं। अब गुजरात, मध्य प्रदेश व राजस्थान जैसे राज्यों के संगठन पदाधिकारियों के अनुभव व कार्यशैली का इस्तेमाल उत्तराखंड चुनाव में भी किया जाएगा।