राजाजी टाइगर रिजर्व में चलेगा बड़ा सफाई अभियान, कूड़ा प्रबंधन के लिए वन विभाग की नई पहल

देहरादून और हरिद्वार से सटे राजाजी टाइगर रिजर्व में कूड़ा प्रबंधन की समस्या से निपटने के लिए वन विभाग बड़े सफाई अभियान की तैयारी भी कर रहा है। खास बात यह है कि पहली बार इस अभियान को सरकारी तंत्र के साथ-साथ निजी संस्थाओं व आम लोगों की भागीदारी से ही चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य रिजर्व क्षेत्र को कूड़े से मुक्त करना और यह पता लगाना है कि किन इलाकों में सबसे ज्यादा गंदगी भी फैल रही है।

वन विभाग के अनुसार कई वन क्षेत्र शहरों और आबादी के नजदीक होने के कारण कूड़ा-कचरे की समस्या से भी जूझ रहे हैं। इसी को देखते हुए राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन निजी संस्थाओं के साथ एक वर्ष के अनुबंध के तहत नियमित सफाई अभियान भी चलाएगा। इस मुहिम में नगर निगम, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संगठनों, युवाओं व स्कूल-कॉलेज के छात्रों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि इसे जनभागीदारी का अभियान भी बनाया जा सके।

सफाई के दौरान केवल कूड़ा हटाने पर ही नहीं, बल्कि कचरे के प्रकार व स्रोत की पहचान पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए प्लास्टिक, सूखा कचरा, निर्माण मलबा व अन्य अपशिष्ट को अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा, जिससे भविष्य में गंदगी रोकने की रणनीति बनाई भी जा सके।

राजाजी टाइगर रिजर्व की निदेशक कोको रोसे ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जंगल को स्वच्छ रखना और लोगों को जिम्मेदार भी बनाना है। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय और संस्थाओं की भागीदारी से इस अभियान को व्यापक रूप भी दिया जाएगा।

विशेषज्ञों के मुताबिक जंगल की सीमा के पास फेंका गया कूड़ा कई बार हाथी, भालू व तेंदुए जैसे वन्यजीवों को आकर्षित करता है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में कूड़ा प्रबंधन को वन्यजीव संरक्षण की रणनीति का भी अहम हिस्सा भी माना जा रहा है। वन विभाग को उम्मीद है कि यह पहल भविष्य में अन्य संरक्षित वन क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल भी साबित हो सकती है।