A new roadmap will be developed to tackle traffic congestion in Dehradun, with a focus on parking and traffic lights.
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन नए सिरे से रोडमैप तैयार कर रहा है। बढ़ते वाहनों के दबाव, सीमित पार्किंग और जाम की समस्या को देखते हुए अब यातायात प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं का आकलन किया जाएगा। इस पूरी कवायद पर गृह सचिव शैलेश बगौली नजर रख रहे हैं और इस संबंध में अधिकारियों के साथ कई बैठकें भी कर चुके हैं।
मसूरी के बाद अब देहरादून की बारी
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन ने पहले मसूरी पर फोकस किया है। यहां 42 पार्किंग स्थल चिह्नित किए गए हैं। इसके साथ ही अतिक्रमण हटाने और जाम प्रभावित क्षेत्रों में सुधार की दिशा में काम किया जा रहा है।
पर्यटन सीजन के दौरान मसूरी में वाहनों की बढ़ती संख्या से जाम की समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में पार्किंग और यातायात प्रबंधन को व्यवस्थित करने के प्रयासों के बाद अब प्रशासन ने देहरादून की यातायात व्यवस्था सुधारने की तैयारी शुरू की है।
नई पार्किंग और ट्रैफिक लाइट्स का होगा आकलन
देहरादून के लिए तैयार किए जा रहे रोडमैप में नए पार्किंग स्थल चिह्नित करने के साथ उन इलाकों की पहचान की जाएगी, जहां वाहनों का दबाव सबसे ज्यादा रहता है। इसके अलावा मौजूदा ट्रैफिक लाइट्स की स्थिति, उनके संचालन और जरूरी सुधारों का भी आकलन किया जाएगा।
देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान के मुताबिक, मसूरी के बाद अब देहरादून के लिए भी यातायात सुधार की योजना तैयार की जा रही है। इसमें नए पार्किंग स्थलों और ट्रैफिक लाइट्स की स्थिति को ध्यान में रखते हुए खाका बनाया जाएगा।
बढ़ते वाहनों के दबाव से बढ़ी चुनौती
राजधानी में बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या, सीमित पार्किंग और सड़क किनारे अतिक्रमण यातायात व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में केवल यातायात पुलिस की तैनाती बढ़ाने के बजाय पार्किंग, सड़क प्रबंधन और ट्रैफिक सिग्नल को ध्यान में रखकर समन्वित योजना तैयार करने की जरूरत है।
फिलहाल प्रशासन देहरादून की यातायात समस्याओं का आकलन कर रहा है। नए पार्किंग स्थलों और अन्य सुधारों को लेकर अंतिम योजना सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए किन उपायों को प्राथमिकता दी जाएगी।
