Kedarnath trekking route in poor condition; slippery patches and potholes between Chhoti and Badi Lincholi increase the risk.
गौरीकुंड से केदारनाथ तक करीब 16 किलोमीटर का पैदल मार्ग बरसात के बाद यात्रियों और घोड़े-खच्चरों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। खासकर छोटी लिंचोली से बड़ी लिंचोली तक मार्ग की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह फिसलन, गड्ढे और उखड़ा हुआ रास्ता यात्रियों के लिए खतरा पैदा कर रहा है। कई स्थानों पर यात्री फिसल रहे हैं, जबकि मार्ग पर सरिया बाहर निकले होने से चोट लगने की आशंका बनी हुई है।
गौरीकुंड से छोड़ी तक दो स्थानों पर पैदल मार्ग खराब है। चीरबासा और भैरवनाथ से आगे हेलिपैड के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण रास्ते पर खतरा बना हुआ है। यहां लोक निर्माण विभाग ने श्रमिकों को तैनात किया है। जंगलचट्टी से आगे रेलिंग भी क्षतिग्रस्त है। वहीं, रामवाड़ा से आगे चढ़ाई वाले हिस्सों में गड्ढे बन गए हैं और मार्ग उखड़ चुका है।
छोटी लिंचोली से बड़ी लिंचोली के बीच सीसी मार्ग क्षतिग्रस्त होने से पैदल यात्रियों के साथ घोड़े-खच्चरों की आवाजाही में भी दिक्कत हो रही है। आगे भैरव गदेरा और बेस कैंप तक चढ़ाई वाले हिस्से भी जोखिम भरे बने हुए हैं। हालांकि, यहां से केदारनाथ तक मार्ग की स्थिति ठीक बताई गई है।
लोक निर्माण विभाग, गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता सुनील रावत ने बताया कि मार्ग के किलोमीटर 9 और 10 के लिए 38.83 लाख रुपये, किलोमीटर 11 के लिए 26 लाख रुपये और किलोमीटर 12 के लिए 34 लाख रुपये का आगणन तैयार कर स्वीकृति के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। इन कार्यों की कुल अनुमानित लागत करीब 98 लाख रुपये है।
उन्होंने बताया कि यात्रा संचालित रहने के दौरान मार्ग के सभी प्रभावित हिस्सों में एक साथ काम करना संभव नहीं है। यात्रा बंद होने के बाद मार्ग का सुधार कराया जाएगा। फिलहाल, जहां रास्ते की स्थिति खराब है, वहां उसे ठीक करने का काम किया जा रहा है।
