'Dhanyavad Jan-Samvad Yatra' launched amidst Kumari Selja's letter; Harda displays political strength in Kumaon alongside supporters.
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस में अंदरूनी सियासी हलचल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कुमाऊं से अपनी धन्यवाद जनसंवाद यात्रा शुरू कर दी। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा की ओर से जारी चिट्ठी के बावजूद हरीश रावत यात्रा पर निकले और उनके साथ पार्टी के कई विधायक, पूर्व विधायक, वरिष्ठ नेता और समर्थक नजर आए।
हरीश रावत ने सोमवार को जसपुर से यात्रा की शुरुआत की। उनके साथ विधायक प्रीतम सिंह, तिलक राज बेहड़, हरीश धामी, मनोज तिवारी, आदेश चौहान, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण और हिमेश खर्कवाल, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा समेत कई नेता और समर्थक मौजूद रहे। जसपुर से शुरू हुई यात्रा काशीपुर, रामनगर और कालाढूंगी होते हुए देर रात हल्द्वानी पहुंची। रास्ते में कई जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने फूलों और आतिशबाजी के साथ हरीश रावत का स्वागत किया।
यात्रा के दौरान प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की चिट्ठी को लेकर हरीश रावत ने मीडिया के सवालों का जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने पार्टी में गुटबाजी या बगावत की बात से भी इनकार किया। हरीश रावत ने कहा कि उनके हाथ में तिरंगा है और उन्होंने इस यात्रा को पार्टी का कार्यक्रम नहीं बनाया है। हालांकि पार्टी के लोग इसमें जरूर शामिल हो रहे हैं।
हरीश रावत ने बताया कि वह कई दिनों तक मेदांता अस्पताल के आईसीयू में रहे। लोगों और देवी-देवताओं के आशीर्वाद से गंभीर बीमारी से उबरकर उत्तराखंड वापस लौटे हैं। इसी के बाद लोगों के प्रति धन्यवाद और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए उन्होंने यह यात्रा शुरू की है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईडी और भाजपा ने उनके आत्मसम्मान को कुरेदा है और उन्हें इससे भी लड़ना है। यात्रा में कांग्रेस के कई नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी से पार्टी के भीतर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कुमाऊं की यात्रा पूरी करने के बाद हरीश रावत मंगलवार को देहरादून लौटेंगे। इसके बाद 7 अक्टूबर को दिल्ली जाकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा से मुलाकात करेंगे।
