Children displaying indomitable courage will receive the State Child Bravery Award.
उत्तराखंड में अदम्य साहस व वीरता का प्रदर्शन करने वाले बच्चों को राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित भी किया जाएगा। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने इसके लिए आवेदन भी मांगे हैं। विभाग के निदेशक बंशी लाल राणा के अनुसार पात्र बच्चे 10 अक्तूबर तक आवेदन भी कर सकते हैं।
पुरस्कार के लिए ये हैं पात्रता शर्तें
पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाला बच्चा उत्तराखंड का मूल या स्थायी निवासी भी होना चाहिए। वीरता व साहस का प्रदर्शन करने के समय बच्चे की उम्र 6 साल से अधिक और 18 साल से कम भी होनी चाहिए।
वहीं, वीरता या साहस का कार्य आवेदन की अंतिम तिथि से पहले अधिकतम 2 साल की अवधि के भीतर ही किया गया होना चाहिए।
एक घटना के लिए एक ही बार मिलेगा पुरस्कार
विभाग के अनुसार किसी बच्चे को एक ही घटना या एक ही साहसिक कार्य के लिए एक से अधिक बार पुरस्कार नहीं दिया जाएगा और वहीं, यदि किसी घटना में वीरता दिखाने वाले बच्चे की मृत्यु हो जाती है, तो यह पुरस्कार उसके माता या पिता को प्रदान किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य ऐसे बच्चों के साहस व बहादुरी को सम्मानित करना है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में अदम्य हिम्मत का परिचय भी दिया है।
