Forest fire wreaks havoc in Uttarakhand, woman killed; school and beekeeping plant also burnt
उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी के बीच जंगलों में लगी आग अब गांवों व आबादी वाले इलाकों तक पहुंचने भी लगी है। गढ़वाल मंडल में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर वनाग्नि की घटनाएं भी सामने आई हैं। कर्णप्रयाग में आग की चपेट में आने से एक महिला की मौत भी हो गई, जबकि विकासनगर में एक स्कूल व ऋषिकेश में मधुमक्खी पालन प्लांट जलकर खाक हो गया।
कर्णप्रयाग के आदिबदरी क्षेत्र में बदाणगाड़ के जंगल में लगी आग खेतों से होते हुए बूंगा गांव तक भी पहुंच गई। आग की चपेट में आने से गोशाला जा रही एक महिला की मौत भी हो गई। वहीं गोपेश्वर के देवखाल व अगस्त्यमुनि के धान्यू क्षेत्र में भी जंगलों में भीषण आग से वन संपदा को भारी नुकसान भी पहुंचा है।
नई टिहरी, पौखाल व लैंसडौन क्षेत्र के जंगल भी आग की चपेट में हैं। कई जगहों पर सेब और कीवी के पौधे भी झुलस गए हैं। वन विभाग की टीम लगातार आग बुझाने में जुटी है, लेकिन कई क्षेत्रों में आग पर काबू पाने में दिक्कतें भी आ रही हैं।
पौड़ी जिले में सात स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुईं, जिससे कई इलाकों में धुएं का गुबार भी छाया रहा। पुरोला के मोरी क्षेत्र में एक दो मंजिला मकान में आग लगने से लाखों का सामान जल गया और मकान मालिक भी झुलस गया।
विकासनगर के कालसी क्षेत्र में जंगल की आग सरस्वती शिशु विद्या मंदिर तक पहुंच भी गई, जिससे स्कूल का फर्नीचर व अन्य सामान जल गया। वहीं ऋषिकेश के छिद्दरवाला में मधुमक्खी पालन प्लांट में आग लगने से 150 बॉक्स जलकर ही राख हो गए।
कोटद्वार में जंगल में आग लगाने के आरोप में 2 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। चमोली में लगातार धधक रही आग का असर लोगों की सेहत पर दिखने भी लगा है। अस्पतालों में आंखों में जलन व सांस संबंधी दिक्कतों के मरीज बढ़ रहे हैं।
