Forests from Lansdowne to Tehri burned, four hectares of forest wealth reduced to ashes; villagers took charge
उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। लैंसडौन क्षेत्र में फरसूला गांव के पास मंगलवार दोपहर जंगल में भीषण आग लग गई, जिससे करीब 4 हेक्टेयर वन संपदा प्रभावित हुई। वहीं टिहरी गढ़वाल के गजा इलाके व पोखाल रेंज के स्यूरी गांव के आसपास के जंगल भी आग की चपेट में रहे।
लैंसडौन-कोटद्वार मार्ग के पास लगी आग तेज हवाओं के कारण तेजी से फैल गई। आग की लपटें सड़क तक पहुंचने से पूरे इलाके में धुआं भी छा गया और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई पर्यटकों ने डर के चलते अपने वाहन वापस मोड़ भी लिए। आग की चपेट में कई बड़े पेड़ भी आ गए।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची व राहत अभियान शुरू किया। रेंजर राकेश शाह ने बताया कि आग फरसूला के नापखेत क्षेत्र से शुरू भी हुई थी, जिससे उमरीखाल, सकन्याणी, कुठालडांडा व दर्था क्षेत्र प्रभावित हुए। वन कर्मियों और स्थानीय टीमों ने बुधवार दोपहर तक लगातार अभियान चलाकर आग पर काबू भी पाया।
उधर टिहरी जिले की पोखाल रेंज के स्यूरी गांव के आसपास भी जंगलों में आग लगने से अफरा-तफरी भी मच गई। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलने लगी, जिसके बाद ग्राम प्रधान जमुना राणा ग्रामीण महिलाओं के साथ जंगल में उतरीं व आग बुझाने का मोर्चा संभाला।
ग्रामीणों और वन विभाग की संयुक्त टीम आग बुझाने में भी जुटी रही। ग्राम प्रधान ने लोगों से जंगलों में आग न लगाने की अपील करते हुए कहा कि वनाग्नि से वन्यजीवों व पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं।
