Harish Rawat hits back at the statement 'Am I a witch doctor', social media post stirs Congress
देहरादून में कांग्रेस के भीतर छिड़े ‘नेता व तांत्रिक’ विवाद पर अब पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। कुछ दिन पहले हल्द्वानी में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की मौजूदगी में पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने अपने संबोधन में “नेता व तांत्रिक के अंतर” की बात कही थी, जिसके बाद पार्टी के भीतर सियासी चर्चाएं भी तेज हो गई थीं। अब हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखकर इस विवाद पर तीखा जवाब भी दिया है।
हरीश रावत ने अपनी पोस्ट की शुरुआत “वाह, am I #Tantrik?” से करते हुए लिखा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि “मेरे बिना कांग्रेस नहीं चलेगी।” उन्होंने 1968 से लेकर अब तक कांग्रेस के कठिन दौर में पार्टी का झंडा थामे रहने का जिक्र भी किया और कहा कि जब-जब कांग्रेस संकट में आई, वह कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से भी खड़े रहे। उन्होंने कहा कि अगर इस अटूट समर्पण को तंत्र कहा जा रहा है, तो यह तंत्र कार्यकर्ताओं व उत्तराखंडियत पर उनके विश्वास का है।
अपने पोस्ट में हरीश रावत ने इंदिरा गांधी के दौर से लेकर उत्तराखंड आंदोलन व हालिया चुनावी चुनौतियों तक पार्टी के साथ अपने सफर को विस्तार से याद भी किया। उन्होंने कहा कि हार के बाद भी उन्होंने न कांग्रेस छोड़ी और न अपना क्षेत्र, बल्कि कार्यकर्ताओं के साथ ही डटे रहे। इसी वजह से कई सीटों पर बाद के चुनावों में कांग्रेस को जीत भी मिली।
गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस नेता रणजीत रावत भी हरीश रावत पर चुनाव में तंत्र-मंत्र का सहारा लेने के आरोप भी लगा चुके हैं। अब प्रकाश जोशी के बयान के बाद हरीश रावत की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति व बयानबाजी को और तेज करने वाली मानी जा रही है।

