बेकार पुल बने टूरिज्म हब, उत्तराखंड में ‘ब्रिज रेस्टोरेंट’ का नया कॉन्सेप्ट
देहरादून: उत्तराखंड में ऑल-वेदर रोड प्रोजेक्ट के बाद अनुपयोगी हो चुके पुराने पुलों को अब नई पहचान भी दी जा रही है। सरकार ने इन “एबेंडेंड ब्रिज” को पर्यटन से जोड़ते हुए अनोखे ‘ब्रिज रेस्टोरेंट’ में बदलना भी शुरू कर दिया है।
सतपाल महाराज की पहल पर लोक निर्माण विभाग व पर्यटन विभाग ने मिलकर इस कॉन्सेप्ट को जमीन पर उतारा है। इसके तहत ऋषिकेश-कौड़ियाला मार्ग पर सिरसू में पहला ब्रिज रेस्टोरेंट भी तैयार किया गया है, जो पर्यटकों को आकर्षित भी कर रहा है।
पर्यटकों के अनुसार, नदी के ऊपर बने इस रेस्टोरेंट में भोजन करना एक नया व रोमांचक अनुभव है। दिल्ली से आए पर्यटकों ने इसकी लोकेशन, साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता की सराहना भी की है।
पर्यटन विभाग के मुताबिक, ऐसे कुल 14 अनुपयोगी पुलों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें कैफेटेरिया व रेस्टोरेंट के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल से जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा भी होंगे।
सरकार का यह प्रयोग राज्य में बेकार हो चुके ढांचों को उपयोगी बनाकर आय व पर्यटन बढ़ाने की दिशा में एक अभिनव कदम माना जा रहा है।