21 फरवरी से उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाएं शुरू, 1261 केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम

देहरादून। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की बोर्ड परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च 2026 तक भी चलेंगी। परीक्षा को नकलमुक्त व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शासन ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। प्रदेशभर में कुल 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 156 संवेदनशील व 6 अति संवेदनशील केंद्र घोषित किए गए हैं।

सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात, डीएम को निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा है। शासन के आदेशानुसार राजस्व अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त भी किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों को सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर में परगनाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, डिप्टी कलेक्टर या समकक्ष अधिकारी तैनात भी किए जाएंगे। एक सेक्टर में 10–12 से अधिक केंद्र न रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्रों की गोपनीयता किसी भी स्थिति में भंग नहीं होनी चाहिए और अनुचित साधनों का प्रयोग, प्रश्नपत्र लीक या किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधि पर सख्त कार्रवाई भी होगी।

दो लाख से अधिक परीक्षार्थी होंगे शामिल

इस साल 1261 केंद्रों पर दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे।

  • हाईस्कूल: 1,12,679 परीक्षार्थी (1,10,573 संस्थागत, 2,106 व्यक्तिगत)
  • इंटरमीडिएट: 1,03,442 परीक्षार्थी (99,345 संस्थागत, 4,097 व्यक्तिगत)

प्रदेश के 6 अति संवेदनशील केंद्रों में से 4 हरिद्वार जिले में, जबकि एक-एक पिथौरागढ़ व अल्मोड़ा में स्थित हैं। इस बार 24 नए परीक्षा केंद्र भी बनाए गए हैं और 50 एकल केंद्र भी शामिल हैं।

सामूहिक नकल पर पाली रद्द

शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने निर्देश दिए हैं कि किसी केंद्र पर सामूहिक नकल की सूचना या संदेह मिलने पर संबंधित पाली की परीक्षा रद्द भी की जा सकती है या प्रश्नपत्र बदला जाएगा। जरूरत पड़ने पर परीक्षा दूसरे केंद्र पर भी कराई जाएगी। परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, ईयरफोन, डिजिटल घड़ी सहित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर पूर्ण प्रतिबंध भी रहेगा।

100 गज की परिधि में धारा 163 लागू

सभी परीक्षा केंद्रों के 100 गज दायरे में धारा 163 भी लागू रहेगी। इस क्षेत्र में 5 या अधिक लोगों के एकत्र होने, हथियार लाने और लाउडस्पीकर के उपयोग पर भी रोक रहेगी।

प्रवेश पत्र भूलने पर भी मिलेगा मौका

यदि कोई परीक्षार्थी प्रवेश पत्र भूल जाता है या खो देता है तो उसे घबराने की जरूरत ही नहीं है। केंद्र व्यवस्थापक अनुक्रमांक सूची के आधार पर एक विषय की परीक्षा में बैठने की अनुमति भी देंगे। शेष विषयों के लिए प्रधानाचार्य द्वारा नया प्रवेश पत्र भी जारी किया जाएगा।

प्रश्नपत्र पढ़ने को 15 मिनट अतिरिक्त

बोर्ड ने परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने का निर्णय भी लिया है। छात्रों को सलाह दी गई है कि प्रश्नपत्र मिलने पर पहले यह सुनिश्चित करें कि सभी पृष्ठ पूरे भी हैं।

छह महीने तक हड़ताल पर रोक

बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए शासन ने विद्यालयी शिक्षा विभाग व परिषद से जुड़ी सभी सेवाओं में 6 माह तक हड़ताल पर रोक लगा दी है।

पिछले वर्ष का परिणाम

पिछले साल हाईस्कूल का परिणाम 90.77 प्रतिशत रहा था, जिसमें बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.25 व बालकों का 88.20 प्रतिशत रहा। इंटरमीडिएट का परिणाम 83.23 प्रतिशत भी दर्ज किया गया था।

बोर्ड सभापति का संदेश

बोर्ड के सभापति डॉ. मुकुल कुमार सती ने परीक्षार्थियों को संदेश दिया है कि वे शांत मन से परीक्षा दें, परिणाम की चिंता छोड़कर अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की है।