उत्तराखंड में 25 अप्रैल से मकान गणना, गृह मंत्रालय ने जारी किए 33 सवाल
देहरादून। घर की दीवार, फर्श व छत किस सामग्री से बनी है? मकान मालिक कौन है? घर में बिजली, पानी व शौचालय की क्या व्यवस्था है? ऐसे कई सवालों के जवाब देने के लिए प्रदेशवासियों को अब तैयार रहना होगा। गृह मंत्रालय ने मकान गणना के तहत पूछे जाने वाले 33 सवालों की अधिसूचना भी जारी कर दी है।
उत्तराखंड में 25 अप्रैल से 24 मई के बीच मकान गणना प्रस्तावित भी है। इसके मद्देनज़र जनगणना निदेशालय ने तैयारियां भी तेज कर दी हैं। जल्द ही मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण भी शुरू होगा। निदेशक जनगणना ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि गणना के दौरान जुटाई गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय ही रहेंगी और किसी भी स्तर पर साझा ही नहीं की जाएंगी।
जिलावार प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 से 28 फरवरी के बीच ही आयोजित होंगे। इनमें चार्ज अधिकारी, सहायक चार्ज अधिकारी, तकनीकी सहायक व सेंसस क्लर्क को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण सत्रों में नए प्रावधानों, प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं—जैसे सीएमएमएस पोर्टल—की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी।
ये हैं 33 प्रमुख सवाल
मकान गणना के दौरान भवन नंबर, जनगणना मकान नंबर, फर्श-दीवार-छत में प्रयुक्त सामग्री, मकान का उपयोग व उसकी स्थिति से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इसके अलावा परिवार क्रमांक, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, लिंग व सामाजिक वर्ग, मकान के स्वामित्व की स्थिति और उपलब्ध कमरों की संख्या जैसी जानकारियां ली जाएंगी।
पेयजल के मुख्य स्रोत और उसकी उपलब्धता, बिजली या अन्य प्रकाश स्रोत, शौचालय की सुविधा व प्रकार, गंदे पानी की निकासी, बाथरूम, रसोईघर व एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की जानकारी दर्ज की जाएगी। साथ ही रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, लैपटॉप-कंप्यूटर, मोबाइल फोन, साइकिल-दो पहिया-चार पहिया वाहन जैसी सुविधाओं की उपलब्धता, परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज और एक मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी सूचना के लिए) भी पूछा जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि मकान गणना विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन व सटीक डाटा तैयार करने में अहम भूमिका भी निभाएगी।