फर्जी दस्तावेज मामले में विदेशी नागरिकों को भारतीय बनाने वाले सिंडिकेट का खुलासा

देहरादून। पटेलनगर में फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक सुबेदा बेगम उर्फ प्रिया के मामले ने एक बार फिर राज्य में सक्रिय उस सिंडिकेट को उजागर भी किया है, जो विदेशी नागरिकों को फर्जी पहचान दिलाकर भारतीय भी बना रहा है। जांच में सामने आया है कि सुबेदा के फर्जी आधार, पैन, वोटर कार्ड व जन्म प्रमाणपत्र बनाने में दून और रुड़की के 2 सीएससी सेंटर की भूमिका रही।

पटेलनगर पुलिस ने शुक्रवार को दून स्थित सीएससी सेंटर संचालक फिरोज से पूछताछ भी की। उसने बताया कि सुबेदा का आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही भेजा गया था, जिसके दस्तावेजों का सत्यापन बीएलओ द्वारा भी किया गया। पुलिस अब उस समय तैनात बीएलओ की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यही पैटर्न पहले पकड़े गए मामून हसन व बबली बेगम के मामलों में भी था। सुबेदा ने रुड़की के सीएससी संचालक अजीत कुमार व देहरादून के फिरोज का नाम लिया है। पुलिस दोनों सीएससी सेंटरों के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि

सुबेदा के पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र व कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस की एक टीम रुड़की में आरोपी अजीत की तलाश में भी लगी है। यह भी जांच की जा रही है कि अब तक कितने विदेशी नागरिकों को फर्जी तरीके से भारतीय दस्तावेज भी दिलाए गए हैं। दून में अब तक 20 बांग्लादेशी नागरिक पुलिस के रडार पर भी आए हैं, जिनमें से 10 को डिपोर्ट भी किया जा चुका है।