Nainital District Panchayat Election Dispute Re-polling petition to be heard again today, DM submits report in court
देहरादून: जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव के दौरान हुई घटनाओं को लेकर दायर पुनर्मतदान याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंदर और जस्टिस सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी से मतगणना प्रक्रिया की रिपोर्ट शपथपत्र के रूप में प्राप्त भी की।
याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता देवीदत्त कामत ने तर्क दिया कि लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव जरूरी हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारी ने पूर्व में यह कहा था कि पुनर्मतदान का कोई प्रावधान ही नहीं है, जबकि सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों के कई फैसले यह स्पष्ट करते हैं कि यदि चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित होती है तो चुनाव आयोग व निर्वाचन अधिकारी पुनर्मतदान का आदेश दे सकते हैं।
कामत ने संविधान के अनुच्छेद 324 का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग को चुनाव संचालन, अधीक्षण व नियंत्रण की पूर्ण शक्ति प्राप्त है और उसी आधार पर राज्य चुनाव आयोग भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अधिकृत है। यदि चुनाव में गड़बड़ी, हिंसा या बूथ कैप्चरिंग होती है, तो आयोग चुनाव निरस्त कर पुनर्मतदान भी करा सकता है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए याचिका सूचीबद्ध करते हुए संबंधित अभिलेख व तथ्य प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की सुनवाई आज भी जारी ही रहेगी।
