Rudraprayag: Forest department killed man-eating leopard, mourning spread in Makhet village after the death of woman
रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लॉक स्थित मखेत गांव में मंगलवार शाम को एक और दर्दनाक हादसा सामने आया, जब खेत में काम कर रही रामेश्वरी देवी (उम्र लगभग 60 वर्ष) पर गुलदार ने हमला कर दिया। इस हमले में महिला की मौत हो गई। देर रात 1 बजे के करीब, वन विभाग की टीम ने गुलदार को ढेर भी कर दिया।
हादसा उस समय हुआ जब रामेश्वरी देवी अपने घर के पास खेत में निराई-गुड़ाई कर रही थीं। अचानक गुलदार ने पीछे से हमला किया, महिला की गर्दन पर दांत व नाखून से गहरे घाव कर दिए और उसे घसीटते हुए झाड़ियों की ओर को ले गया।
जब रामेश्वरी देवी का बेटा चंद्रशेखर दुकान से घर लौटा तो उसने मां को आवाज दी, पर कोई जवाब ही नहीं मिला। बुजुर्ग पिता से पूछने पर पता चला कि वह खेत में गई हैं। खेत पर पहुंचने पर उसे वहां खून के धब्बे भी दिखाई दिए। शोर मचाने पर ग्रामीण एकत्रित हुए और महिला की खोजबीन शुरू की गई। आखिरकार, महिला का शव खेत से करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में मिला।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं, ग्रामीणों में नाराजगी
गांव वालों का कहना है कि 10 दिन पहले 30 मई को डांडा गांव की 59 वर्षीय रूपा देवी को भी गुलदार ने मार डाला था। इसके बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस कदम ही नहीं उठाया। 25 फरवरी को देवल गांव में भी एक बुजुर्ग महिला की मौत गुलदार के हमले में ही हुई थी। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर पहले ही गुलदार को आदमखोर घोषित कर कार्रवाई की गई होती तो रामेश्वरी देवी की जान भी बच सकती थी।
वन विभाग ने किया ऑपरेशन, गुलदार को मारा गया
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने देर रात रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाया और गुलदार को आदमखोर घोषित कर गोली ही मार दी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह वही गुलदार है जो पिछले कुछ समय से ग्रामीण इलाकों में दहशत भी फैला रहा था।
इलाके में पसरा सन्नाटा, वन विभाग पर उठे सवाल
मखेत गांव और आसपास के क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई होती तो ये घटनाएं भी नहीं होतीं। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है और वन विभाग को क्षेत्र में सतर्क गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
