गौतम अडानी के लिए 2025 नहीं रहा खास, अडानी ग्रुप के शेयरों में 21% की गिरावट
गौतम अडानी के लिए वर्ष 2025 अब तक खास नहीं रहा, जैसा कि 2024 था। वित्तीय वर्ष 2025 (FY25) में अडानी ग्रुप के शेयरों में पिछले वर्ष की तुलना में 21% की गिरावट देखने को मिली है। इस गिरावट के कारण अडानी ग्रुप के कुल मार्केट कैपिटल में ₹3.4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान भी हुआ है। इस नुकसान के पीछे बाजार में उतार-चढ़ाव, रेगुलेटरी जांच व कुछ आरोपों को प्रमुख कारण भी माना जा रहा है।
किस कंपनी को कितना नुकसान?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 मार्च 2024 से 21 मार्च 2025 के बीच अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। इसका मार्केट कैप ₹2.90 लाख करोड़ से घटकर ₹1.46 लाख करोड़ पर पहुंच गया है, यानी लगभग आधा मार्केट कैप ही खत्म हो गया है।
इसके अलावा, अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 27% की गिरावट आई है, जिससे ₹94,096 करोड़ का नुकसान भी हुआ। अडानी पोर्ट्स एंड SEZ के मार्केट कैप में भी 11.40% की कमी आई है, जो ₹33,029 करोड़ के बराबर भी है।
अडानी टोटल गैस और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयरों में क्रमशः 31.84% और 18.95% की गिरावट आई है। सीमेंट सेक्टर की कंपनियों, जैसे ACC और अंबुजा सीमेंट्स के शेयरों में भी 23.10% और 15.92% की गिरावट आई है। अडानी ग्रुप की मीडिया कंपनी एनडीटीवी के शेयरों में 41.58% की भारी गिरावट आई है।
अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट के कारण
FY25 में अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट के कई कारण रहे हैं। इनमें भारतीय शेयर बाजार पर मैक्रोइकॉनॉमिक दबाव, शहरी खर्च में कमी और वैश्विक राजनीतिक तनाव, जैसे कि ट्रंप के टैरिफ, प्रमुख कारण भी हैं। रिन्यूएबल एनर्जी और गैस सेक्टर में समस्याओं ने भी अडानी ग्रुप को प्रभावित भी किया है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की भारी बिकवाली ने भी अडानी ग्रुप की 6 कंपनियों को नुकसान पहुंचाया है।
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