Village heads marching to the Secretariat to press for their demands clashed with the police.
उत्तराखंड के सुदूर और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की ओर से बागेश्वर में पांचवां सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव 2026 आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय राज्य स्तरीय महोत्सव 9 और 10 अक्टूबर को विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मंडलसेरा में होगा। इसका शुभारंभ 9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे।
महोत्सव में राज्य के छह सीमांत जिलों पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग पर विशेष फोकस रहेगा। विकासखंड और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं के बाद चयनित 33 विकासखंडों के करीब 240 बाल वैज्ञानिक अपने मार्गदर्शक शिक्षकों के साथ महोत्सव में प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इससे पहले यह राज्य स्तरीय आयोजन चंपावत, चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग में आयोजित हो चुका है।
इस बार महोत्सव की मुख्य थीम आपदा जोखिम प्रबंधन योजनाओं में जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन और शमन रणनीतियों का एकीकरण रखी गई है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और हाइजीन जैसी उभरती तकनीकों और विषयों की जानकारी भी दी जाएगी।
कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राएं वैज्ञानिक कविता, मॉडल, क्विज और वैज्ञानिक नाटक जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। इन गतिविधियों के जरिए बच्चों की वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता को मंच मिलेगा।
यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों तक आधुनिक विज्ञान की पहुंच सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हिमालयी और सीमांत क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें सही अवसर और मंच देने की है। उद्देश्य है कि दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चों की जिज्ञासा शोध और उनकी कल्पना नवाचार का रूप ले सके।
