Uttarakhand Rajya Sabha Seat BJP finalizes Dinesh Arya's name; preference given to CM Dhami's choice.
देहरादून। उत्तराखंड की खाली हो रही राज्यसभा सीट को लेकर भारतीय जनता पार्टी में कई दिनों से चल रहा मंथन आखिरकार समाप्त ही हो गया है। पार्टी ने तमाम संभावित नामों व दावेदारों पर विचार-विमर्श के बाद दिनेश आर्य को अपना उम्मीदवार भी घोषित किया है। इस फैसले के बाद प्रदेश की सियासत में सीएम पुष्कर सिंह धामी की भूमिका और संगठन के भीतर उनके प्रभाव को लेकर चर्चा भी तेज हो गई है।
राज्यसभा टिकट के लिए भाजपा में शुरुआत से ही कई नामों को लेकर चर्चा भी चल रही थी। शुरुआती दौर में करीब 24 दावेदार सामने आए, जबकि प्रदेश संगठन ने विचार-विमर्श व छंटनी के बाद 15 नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा था। इस दौरान राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी चर्चा में रहा कि पार्टी वैश्य समाज को दोबारा प्रतिनिधित्व देगी या किसी नए चेहरे पर दांव भी लगाएगी। व्यापारी वर्ग से जुड़े कुछ नेताओं सहित कई दावेदारों के नाम भी चर्चा में भी रहे।
इन तमाम संभावनाओं के बीच पार्टी नेतृत्व ने दिनेश आर्य के नाम पर सहमति भी जताई। आर्य को संगठन से जुड़े अनुभव और उनकी निर्विवाद छवि के चलते इस जिम्मेदारी के लिए चुने जाने की चर्चा भी है। वह लंबे समय तक भाजपा संगठन में सक्रिय रहे हैं और पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में अपनी भूमिका भी निभाते रहे हैं।
दिनेश आर्य सीएम पुष्कर सिंह धामी के विशेष कार्याधिकारी (OSD) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। इस वजह से उन्हें मुख्यमंत्री के करीबी व भरोसेमंद लोगों में गिना जाता है। संगठनात्मक कार्यों व प्रशासनिक अनुभव से जुड़े उनके इस सफर को भी उनके चयन के संदर्भ में महत्वपूर्ण भी माना जा रहा है।
भाजपा के इस फैसले को उत्तराखंड में संगठन व सरकार के बीच तालमेल के नजरिए से भी देखा जा रहा है। हालांकि, इसे मुख्यमंत्री धामी के प्रभाव से जोड़कर देखना राजनीतिक विश्लेषण का विषय है, जबकि उम्मीदवार के चयन का अंतिम निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने भी लिया है।
अब दिनेश आर्य के नाम की घोषणा के बाद राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया और आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर ही नजर रहेगी। इस फैसले से प्रदेश भाजपा की आगामी रणनीति व विभिन्न सामाजिक समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं जारी रहने की संभावना भी है।
