बेमौसमी बारिश और तेज हवाओं से गेहूं की फसल तबाह, किसानों की बढ़ी चिंता
नैनीताल। जिले में बेमौसमी बारिश व तेज हवाओं ने किसानों की तैयार गेहूं की फसल को भारी नुकसान भी पहुंचाया है। कटाई के दौरान हुई बारिश से खेतों में सुखाने के लिए फैलाई गई कटी फसल भीग भी गई, जबकि खड़ी फसल तेज हवाओं के कारण खेतों में ही गिर गई। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी ही फिर गया है और फसल खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है।
कृषि विभाग के अनुसार जिले में करीब 19 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती भी होती है। शुरुआती आकलन में 15 से 30 प्रतिशत नुकसान की बात भी सामने आई है, हालांकि किसानों का दावा है कि कई इलाकों में नुकसान 50 प्रतिशत से अधिक है। पंचायत घर, बेलबाबा, गौलापार, भीमताल, धारी, ओखलकांडा, रामगढ़, धानाचूली व मुक्तेश्वर समेत कई क्षेत्रों में गेहूं, चना, मसूर व जौ की फसलें प्रभावित हुई हैं।
किसानों ने बताया कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ व धूप नहीं निकली तो भीगी फसल के दाने काले भी पड़ सकते हैं, जिससे उत्पादन व गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ेगा। वहीं ओलावृष्टि व बारिश से आड़ू, प्लम, खुबानी और नाशपाती जैसे फलों के फूल व छोटे फल भी झड़ गए हैं, जबकि मौसमी सब्जियों को नुकसान भी पहुंचा है।
प्रभारी मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा भी कराया है, वे 24 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को नुकसान की सूचना भी दें। प्रशासन ने राजस्व, कृषि और उद्यान विभाग की संयुक्त टीमों को सर्वे कर नुकसान का आकलन करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि रिपोर्ट के आधार पर किसानों को नियमानुसार मुआवजा भी दिया जा सके।
हालांकि रामनगर क्षेत्र में हुई बारिश आम व लीची की फसल के लिए फायदेमंद साबित हुई है। उद्यान विभाग के अनुसार बारिश से पेड़ों पर जमी धूल साफ होने से रोगों का खतरा भी कम हुआ है, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद भी बढ़ी है।