श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी की BJP में वापसी, 2027 के समीकरणों पर चर्चा

श्रीनगर की राजनीति में बुधवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। नगर निगम चुनाव में भाजपा से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर मेयर बनीं आरती भंडारी और उनके पति लखपत भंडारी करीब डेढ़ साल बाद दोबारा भाजपा में शामिल हो गए।

नगर निगम चुनाव से पहले दोनों भाजपा से जुड़े थे। मेयर पद महिला के लिए आरक्षित होने के बाद आरती भंडारी टिकट की दावेदार थीं, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। बगावत के बाद भाजपा ने लखपत भंडारी के खिलाफ छह साल के निष्कासन की कार्रवाई भी की थी।

अब दोनों की वापसी के साथ नगर निगम में भाजपा की स्थिति मजबूत हुई है। हालांकि इस फैसले के बाद सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

भाजपा इसे संगठन के विस्तार और मजबूती के तौर पर देख रही है, जबकि पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं और टिकट के दावेदारों के बीच नई राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चाएं हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह वापसी सिर्फ नगर निगम तक सीमित रहेगी या 2027 के विधानसभा चुनाव में भी इसका असर देखने को मिलेगा। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन श्रीनगर में बदले सियासी समीकरणों ने चर्चाओं को जरूर हवा दे दी है।