इस साल सौर चक्र रहेगा हलचल भरा: 100 सालों में सबसे कमजोर रही सोलर साइकिल, दिखेंगे जबरदस्त सन स्पॉट्स

इस साल सूर्य में जबरदस्त सोलर गतिविधि, सन स्पॉट्स व फ्लेयर्स देखने को मिल सकते हैं। जहां 11 वर्षीय पिछला सौर चक्र 100 वर्षों में सबसे कमजोर चक्र भी रहा था, वहीं वर्तमान सौर चक्र इतिहास में सर्वाधिक सक्रिय होने की संभावना भी है। वैज्ञानिकों की ओर से भी इसका आज तक के इतिहास में सर्वाधिक गहनता से अध्ययन भी किया जा रहा है।

वर्तमान में 25वीं सोलर साइकिल चल रही है जो इस वर्ष पीक पर पहुंचेगी। एक सोलर साइकिल 11 वर्षों की होती है व अपने मध्य में पीक पर पहुंचती है। वर्तमान साइकिल 2019 में शुरू भी हुई थी। इसके आज तक के इतिहास में सर्वाधिक सक्रिय रहने की भी संभावना है। इससे पहली 24वीं साइकिल बीते 100 वर्षों में सबसे कमजोर रही थी। सौर सक्रियता का पृथ्वी के मौसम, सौर तूफानों, औरोरा लाइट्स, सेटेलाइट्स और संचार आदि पर भारी असर पड़ता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार 25वें सौर चक्र के दौरान साल 2025 में चरम स्तर पर सनस्पॉट गतिविधियों की उम्मीद भी है। इससे पहले सौर चक्र 24 की अवधि 2008 से 2019 के बीच में 11 वर्ष की थी। इन वर्षों में सौर गतिविधियां बहुत न्यून रहीं, साल 1755 से सौर चक्र का नियमित रिकॉर्ड रखने की शुरुआत के बाद से 265 वर्षों में इसकी तीव्रता चौथी सबसे कम थी व बीते 100 वर्षों में यह सबसे कमजोर सौर चक्र था। वर्तमान में सौर चक्र 25 चल रहा है जो दिसंबर माह 25 दिसंबर 2019 को शांत चरण (सौर न्यूनतम) से शुरू हुआ था अब 2025 में यह चरम पर ही होगा।

सूर्य की गतिविधि पूरे 2025 में पूरे साल तीव्र रहने की उम्मीद है। इस अवधि में सौर ज्वालाओं, कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) व भू-चुंबकीय तूफानों में वृद्धि देखी जाएगी, जिसका पृथ्वी की प्रौद्योगिकी व प्राकृतिक घटनाओं पर दूरगामी प्रभाव भी पड़ेगा। जुलाई 2025 में 115 सनस्पॉट के शिखर के साथ सौर गतिविधि अधिकतम होने की उम्मीद भी है।

आर्य भट्ट शोध और प्रेक्षण विज्ञान संस्थान (एरीज) से जुड़े रहे खगोल विज्ञानी डॉ. शशिभूषण पांडे ने बताया कि सबसे पहले सौर चक्र वर्ष 1755 व 1766 के बीच रिकॉर्ड भी किया गया था। इस क्रम में वर्तमान सौर चक्र 25वां है। 11 वर्ष के सौर चक्र में सौर गतिविधि समय-समय पर बढ़ती व घटती रहती है। प्रत्येक चक्र कम सौर गतिविधि की अवधि के दौरान शुरू व समाप्त भी होता है, जिसके बीच में सौर गतिविधि का चरम भी होता है। निम्न व उच्च गतिविधि की अवधि को सोलर मिनिमम, सौर न्यूनतम, और सोलर मैक्सिमम, सौर अधिकतम भी कहा जाता है।

सर्वाधिक प्रचंडता की ज्वाला से हुई वर्ष की शुरुआत

सौर चक्र 25 के आज तक के सर्वाधिक सक्रिय रहने की वैज्ञानिकों की उम्मीदें तब और भी प्रबल हो गईं जब 2025 वर्ष की शुरुआत में ही 4 जनवरी को सूर्य से सर्वाधिक तीव्रता वाली एक प्रचंड सौर ज्वाला भी निकली। यह ज्वाला एक्स कैटेगरी की थी जो सर्वाधिक प्रबल ज्वाला मानी भी जाती है। इसकी तस्वीर अमेरिका की एजेंसी महासागरीय व वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) की ओर से खींची गई थी जो नासा ब्लॉग्स पर उपलब्ध भी है।

सौर चक्र 24 के वर्ष 2014 के चरम को पार गया सौर चक्र 25

सौर चक्र 25 का शिखर पहले ही सौर चक्र 24 के उस शिखर को पार भी कर चुका है जो वर्ष 2014 में चरम पर पहुंचा था। साथ ही हाल के महीनों में साल 2002 के बाद से सबसे ज्यादा सक्रिय सौर अवधि देखी गई हैं जो सौर चक्र 23 के शिखर के करीब भी पहुंच चुकी हैं।