उत्तराखंड के 13 जिलों में हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों की भारी कमी, प्रशासनिक कार्यों पर पड़ रहा असर

उत्तराखंड के 13 जिलों के 1385 इंटर कॉलेजों और 910 हाईस्कूलों में प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापकों की भारी कमी भी देखी जा रही है। राज्य के 1385 इंटर कॉलेजों में से 1180 में प्रधानाचार्य का पद रिक्त है, जबकि केवल 205 कॉलेजों में ही स्थायी प्रधानाचार्य भी तैनात हैं। इसी तरह, 910 हाईस्कूलों में से 831 में प्रधानाध्यापक की नियुक्ति ही नहीं हो पाई है।

इन रिक्त पदों के चलते प्रशासनिक कार्यों में रुकावट आ रही है, और स्कूलों में शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। स्वतंत्रता संग्राम उत्तराधिकारी संगठन पिथौरागढ़ के मंत्री पंकज भट्ट ने आरटीआई के तहत इस मुद्दे की जानकारी मांगी थी। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कुमाऊं मंडल के चंपावत और अल्मोड़ा जिलों में किसी भी हाईस्कूल में स्थायी प्रधानाध्यापक नहीं हैं, जबकि पिथौरागढ़ में सिर्फ एक हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक नियुक्त है।

राज्य के अधिकतर विद्यालय पहले से ही शिक्षकों की कमी का सामना कर रहे हैं, और ऐसे में प्रभारी प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों के रूप में शिक्षकों का अतिरिक्त भार बढ़ने से पठन-पाठन की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।

राज्य में प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों का विवरण:

राजकीय इंटर कॉलेजों में कार्यरत प्रधानाचार्यों की स्थिति:

जनपद स्वीकृत पद कार्यरत रिक्त
चमोली 127 09 118
देहरादून 96 53 43
पौड़ी 186 17 169
रुद्रप्रयाग 80 06 74
उत्तरकाशी 75 02 73
टिहरी 192 20 172
हरिद्वार 34 20 14
पिथौरागढ़ 128 05 123
बागेश्वर 61 02 59
चंपावत 62 05 57
यूएस नगर 58 26 32
अल्मोड़ा 166 03 163
नैनीताल 120 37 83
कुल 1385 205 1180

 

राजकीय हाईस्कूलों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों की स्थिति:

जनपद स्वीकृत पद कार्यरत रिक्त
देहरादून 71 20 51
रुद्रप्रयाग 28 01 27
चमोली 73 01 72
पौड़ी 116 07 109
टिहरी 108 10 98
उत्तरकाशी 52 06 46
हरिद्वार 68 11 57
यूएस नगर 66 09 57
चंपावत 43 00 43
बागेश्वर 32 03 29
नैनीताल 69 10 59
अल्मोड़ा 97 00 97
पिथौरागढ़ 87 01 86
कुल 910 79 831

इन रिक्त पदों को भरने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षा और प्रशासनिक सुविधाएं मिल सकें।