प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में 75% से कम उपस्थिति पर छात्रों को परीक्षा में नहीं बैठने की अनुमति
उत्तराखंड में राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति को लेकर नई व्यवस्था लागू की जाएगी। शासन ने आदेश जारी किया है कि 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्र-छात्राएं आगामी परीक्षा में बैठने के योग्य ही नहीं होंगे। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी।
उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने जारी आदेश में कहा कि शासन के ध्यान में आया है कि राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध सरकारी और निजी महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति लगातार कम ही हो रही है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों में परीक्षा में बैठने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की गई है, जिसे अब प्रदेश में भी लागू किया जाएगा।
इस आदेश में यह भी कहा गया है कि महाविद्यालयों में कक्षा कक्ष, फर्नीचर, शौचालय व अन्य सुविधाएं छात्रों को बेहतर वातावरण देने के लिए सुनिश्चित की जाएं। इसके अलावा, सभी शिक्षकों को अपनी कक्षाओं के लिए अलग से उपस्थिति रजिस्टर रखने की अनिवार्यता भी होगी, और उन्हें रोज़ की उपस्थिति को समर्थ पोर्टल पर अपलोड भी करना होगा।
इसके साथ ही, आदेश में यह निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक शिक्षक को मोबाइल में GPS कैमरा एप डाउनलोड कर, पढ़ाई के दौरान छात्रों की फोटो भी खींचनी होगी। इन तस्वीरों को कंप्यूटर में एक फोल्डर बनाकर संग्रहित किया जाएगा, और उन्हें रोज़ समर्थ पोर्टल के क्लास रूम मॉड्यूल पर अपलोड भी करना होगा।
यह कदम छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में ही उठाया गया है।