ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के मानक मंथन कार्यक्रम को किया सम्बोधित

देहरादून। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने आज शुक्रवार को देहरादून आईएसबीटी स्थित एक निजी होटल में प्रधानमंत्री आवास योजना पर मानक मंथन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

 

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने मानक मंथन के अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मंच है, जो भारतीय मानकों की चर्चा और उनके प्रोत्साहन के लिए समर्पित है। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद दूसरी फाइल प्रधानमंत्री आवास योजना की फाइल साइन की थी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अंतिम छोर तक के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजनान्तर्गत प्रति आवास रु 1.30 लाख की अनुदान राशि लाभार्थी को दी जा रही है। इसके अतिरिक्त शौचालय निर्माण के लिए 12,000 हजार की धनराशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किचन सामग्री बर्तन आदि खरीद के लिए प्रति लाभार्थी 6000 हजार की दर से सहायता राशि दी जा रही है। इस प्रकार कुल र. 1.73 लाख की धनराशि आवास निर्माण के लिए दी जा रही है।

 

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आज का कार्यक्रम एक ऐसे क्षेत्र पर केंद्रित है, जो लाखों भारतीयों के जीवन को प्रभावित करता है और प्रधानमंत्री आवास योजना और इस योजना के अंतर्गत भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित भारतीय मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका, जो सभी के लिए आवास के लक्ष्य को साकार करने में सहायक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों को ग्रामीण अंचलों में भी आयोजित करने के प्रयास किए जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है। जिसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण गरीबों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है, ताकि हर भारतीय परिवार को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का स्थान मिल सके। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की सफलता न केवल इसके बुनियादी ढांचे के पैमाने पर, बल्कि बनाए जा रहे घरों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर भी निर्भर करती है।

 

उन्होंने कहा कि यहाँ भारतीय मानक ब्यूरो की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। बीआईएस ने ऐसे मानकों को विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। जो सामग्री और निर्माण तकनीकों की सुरक्षा,स्थायित्व और टिकाऊपन सुनिश्चित करते हैं। चाहे वह सीमेंट, स्टील और कंक्रीट की गुणवत्ता हो या फिर प्लंबिंग, विद्युत फिटिंग, और आपदा-रोधी निर्माण तकनीक भारतीय मानकों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उच्च गुणवत्ता वाले आवास निर्माण में स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान किए हैं। ग्राम्य विकास मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बाईएस ने देशभर में 10,000 से अधिक मानक क्लबों का गठन किया है। जो छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित कर रहे हैं और भविष्य की गुणवत्ता के नेतृत्व को आकार दे रहे हैं।

 

इस अवसर पर निदेशक सौरभ तिवारी, संयुक्त निदेशक सचिन चौधरी, परियोजना निदेशक ग्राम विकास संजीव राय, मानक संवधर्न अधिकारी सरिता त्रिपाठी, पीडी ग्राम विकास विक्रम सिंह सहित विभिन्न स्थानों से कई ग्राम प्रधान भी उपस्थित रहे।