सैन्य सूचनाएं लीक करने के आरोप में रकीब की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप, तीन पीढ़ियों की साख दांव पर
उत्तराखंड के लक्सर क्षेत्र के डोसनी गांव निवासी रकीब की गिरफ्तारी ने पूरे इलाके में सनसनी भी फैला दी है। रकीब पर बठिंडा सैन्य छावनी की जासूसी कर संवेदनशील सैन्य सूचनाएं पाकिस्तानी इंटेलिजेंस से जुड़े नंबरों पर भेजने का गंभीर आरोप भी है। इस मामले के खुलासे के बाद जहां सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं, वहीं रकीब के परिवार की तीन पीढ़ियों से जुड़ी प्रतिष्ठा पर भी अब सवाल खड़े हो गए हैं।
तीन पीढ़ियों से सैन्य वर्दी सिलाई का काम
रकीब का परिवार लंबे समय से सेना की वर्दी सिलने के पेशे से ही जुड़ा रहा है। उसके दादा असगर ने बठिंडा में यह कार्य भी शुरू किया था, जिसे उसके पिता इकबाल ने आगे भी बढ़ाया। पिता के निधन के बाद रकीब ने इस जिम्मेदारी को संभाला। उसके चारों भाई – रईस, नासिर, आकिल व नाजिम – भी राजस्थान, पंजाब व उत्तर प्रदेश में सैन्य कपड़ों की सिलाई का काम भी कर रहे हैं।
जांच की जद में पूरा परिवार
रकीब की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां और पुलिस उसके पूरे परिवार की गतिविधियों की जांच भी कर रही हैं। रकीब का एक भाई अमृतसर में, चचेरा भाई रायवाला में और एक अन्य रिश्तेदार लंढौरा में सैलून भी चलाता है। इन सभी से पूछताछ भी की जा रही है, वहीं मोबाइल डेटा व कॉल डिटेल्स भी खंगाले जा रहे हैं।
गांव में पसरा सन्नाटा, लोग हैरान
रकीब की गिरफ्तारी के बाद डोसनी गांव में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। उसके घर के दरवाजे बंद रहे व परिवार के किसी सदस्य ने बाहर से संपर्क नहीं किया। पड़ोसियों ने भी इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। गांव के लोग बताते हैं कि रकीब पिछले कई सालों से बठिंडा में रहकर काम कर रहा था और अक्सर गांव आता-जाता ही रहता था, लेकिन किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि वह देशविरोधी गतिविधियों में शामिल भी हो सकता है।
साख पर लगा धब्बा
रकीब की गिरफ्तारी ने न केवल उसके परिवार की प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। जिस पेशे व परंपरा को परिवार ने वर्षों तक ईमानदारी से निभाया, अब वही शक के घेरे में भी आ गया है।
पुलिस ने क्या कहा?
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है, क्योंकि यह सैन्य सूचनाओं से जुड़ा भी है। रकीब के परिजनों से पूछताछ जारी है और हर संभावित पहलू की गंभीरता से जांच भी की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर सुरक्षा प्रतिष्ठानों में काम कर रहे नागरिकों की निगरानी के महत्व को रेखांकित करता है। रकीब की गिरफ्तारी के बाद सैन्य छावनियों में सिलाई कार्य में लगे अन्य कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की भी गहन जांच हो सकती है।