उत्तराखंड में तबादला एक्ट पर उठे सवाल, कई विभागों में नियमों की अनदेखी के आरोप
उत्तराखंड में कर्मचारियों व अधिकारियों के तबादलों में पारदर्शिता के लिए बने तबादला एक्ट के बावजूद कई विभागों में नियमों की अनदेखी के आरोप भी सामने आए हैं। स्वास्थ्य, खेल, सिंचाई, आयुर्वेदिक व शिक्षा विभाग के तबादलों को लेकर कर्मचारियों व संगठनों ने आपत्ति जताई है।
स्वास्थ्य विभाग पर आरोप है कि गंभीर रूप से बीमार चिकित्सकों व दिव्यांग बच्चों के अभिभावक डॉक्टरों का भी दुर्गम क्षेत्रों में तबादला भी कर दिया गया, जबकि एक्ट में ऐसे मामलों में छूट का प्रावधान भी है। प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ का दावा है कि 40 से 50 तबादलों में नियमों का पालन ही नहीं किया गया।
वहीं, खेल विभाग में भी सुगम क्षेत्र में लंबे समय से तैनात अधिकारियों को दुर्गम क्षेत्र भेजने के बजाय फिर से सुगम क्षेत्रों में ही तैनाती भी देने के आरोप लगे हैं। सिंचाई विभाग में भी पात्रता सूची से बाहर अधिकारियों के तबादले व विकल्पों की अनदेखी की शिकायतें सामने आई हैं।
उधर, आयुर्वेदिक विभाग तय समय में तबादले पूरे नहीं कर सका, जबकि शिक्षा विभाग ने भी निर्धारित समयसीमा में तबादले ही नहीं किए हैं व अतिरिक्त समय के लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा है। अब इन मामलों को लेकर तबादला एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल भी उठने लगे हैं।