राष्ट्रपति ने जारी किया राजभवन नैनीताल पर विशेष डाक टिकट, दृष्टिबाधित बच्चों के साथ साझा किया संवाद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जन्मदिन की शुभकामनाएं, एनआईईपीवीडी कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने की सराहना

देहरादून। राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) में शुक्रवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दी गईं। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति के प्रेरणादायक जीवन व सेवा भावना को नमन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

राज्यपाल ने सराहा दिव्यांगजनों के लिए किए जा रहे प्रयासों को
राज्यपाल ने राष्ट्रपति को बधाई देते हुए कहा कि वे मातृशक्ति की प्रतीक हैं, जिनका जीवन सेवा, समर्पण व सशक्तिकरण की मिसाल है। उन्होंने एनआईईपीवीडी के शिक्षकों व प्रशिक्षकों की सराहना की जो वर्षों से दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के जीवन में उजाला भी ला रहे हैं।
राज्यपाल ने छात्रों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा,

“आप सभी ने सिद्ध कर दिया है कि दृष्टि नहीं, बल्कि संकल्प ही असली सामर्थ्य है।” उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक की मदद से दृष्टिबाधित छात्रों को विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, संगीत व खेल जैसी गतिविधियों में दक्ष बनाया जाना डिजिटल समावेशन की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बताया संघर्ष और साधना की प्रतीक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति को जन्मदिवस की बधाई देते हुए कहा कि

उनका जीवन संयम, सेवा व साधना की जीवंत प्रतिमूर्ति है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने न केवल दृष्टिबाधित बच्चों से संवाद किया, बल्कि निकेतन और तपोवन परिसर को भी जनता के लिए खोलने की पहल भी की।

सीएम ने राष्ट्रपति द्वारा देश के पहले नेट जीरो पब्लिक पार्क ‘राष्ट्रपति उद्यान’ के शिलान्यास को उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय भी बताया। उन्होंने केंद्र सरकार की दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं—दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016, सुगम्य भारत अभियान, एडीआईपी योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना आदि—का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार की ओर से दी जा रही ₹1500 मासिक पेंशन व अभिभावकों को ₹700 अनुदान की भी जानकारी दी।

राजभवन नैनीताल के 125 वर्ष पूरे, राष्ट्रपति ने किया विशेष डाक टिकट जारी
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने उत्तराखंड के ऐतिहासिक राजभवन नैनीताल के 125 वर्ष पूर्ण होने पर एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया। इस अवसर पर राज्यपाल गुरमीत सिंह ने उन्हें धन्यवाद दिया व ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कॉफी टेबल बुक भी भेंट की।

राजभवन नैनीताल को ब्रिटिश कालीन गोथिक स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया, जिसकी भव्यता व प्राकृतिक सौंदर्य इसे एक अनूठी धरोहर बनाते हैं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन व चीफ पोस्टमास्टर जनरल शशि शालिनी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। राष्ट्रपति की उपस्थिति व कार्यक्रम की गरिमा ने दिव्यांगजनों के लिए किए जा रहे कार्यों को राष्ट्रीय पहचान देने का कार्य भी किया।