पिथौरागढ़: सीबीआई ने नाचनी डाकघर के इंस्पेक्टर को 15 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की सब्सिडी पास कराने के एवज में मांगी थी रकम, सीबीआई ट्रैप टीम ने की कार्रवाई

पिथौरागढ़। सीबीआई ने बीते बुधवार को नाचनी डाकघर के इंस्पेक्टर शशांक सिंह राठौर को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार भी कर लिया। राठौर ने यह रकम प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत लोन लेने वाले एक दुकानदार से सब्सिडी पास कराने की रिपोर्ट लगाने के नाम पर ही मांगी थी। आरोपी को आज गुरुवार को स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश भी किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

बागेश्वर जिले के खेती गांव निवासी दुकानदार सुरेश चंद ने 2020 में ममता म्यूजिक एंड इलेक्ट्रॉनिक्स नाम से दुकान खोलने के लिए जिला उद्योग केंद्र, पिथौरागढ़ से 6 लाख रुपये का लोन भी लिया था। इस लोन में योजना के तहत 2.10 लाख रुपये की सब्सिडी निर्धारित थी, जो पात्रता की शर्तें पूरी होने पर ही दी जाती है।

इस सब्सिडी के लिए आवश्यक सत्यापन रिपोर्ट नाचनी डाकघर से ही लगाई जानी थी। लेकिन जब सुरेश चंद ने डाक इंस्पेक्टर शशांक सिंह राठौर से संपर्क किया, तो उन्होंने फाइल में खामियां बताकर टालमटोल भी शुरू कर दी।

रिश्वत की मांग फिर सीबीआई की कार्रवाई

20 जून को सुरेश चंद ने दोबारा राठौर से संपर्क किया, तब राठौर ने पोस्ट मास्टर नंदन गिरी व डाकिया खुशाल सिंह के माध्यम से 21 हजार रुपये की रिश्वत की मांग भी की। सुरेश चंद ने सीबीआई से शिकायत की और राठौर के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई, जिसमें राठौर ने 15 हजार रुपये पर सौदा भी तय किया।

शिकायत व जांच के आधार पर सीबीआई ने राठौर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज कर ट्रैप टीम गठित की। बुधवार को टीम ने नाचनी डाकघर में दबिश दी व सुरेश चंद से रिश्वत लेते हुए राठौर को रंगेहाथ गिरफ्तार भी कर लिया।

अन्य कर्मचारियों की भूमिका नहीं पाई गई

सीबीआई की जांच में पोस्ट मास्टर नंदन गिरी व डाकिया खुशाल सिंह की कोई संलिप्तता ही नहीं पाई गई। मामला फिलहाल सीबीआई की हिरासत में है और आगे की कार्रवाई भी जारी है।