Pilgrims flocking to Char Dham beyond capacity; WII report raises questions about arrangements.
चारधाम यात्रा को लेकर भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) की अध्ययन रिपोर्ट में कई चिंताजनक तथ्य भी सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री व हेमकुंड साहिब में पीक सीजन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या धामों की क्षमता से अधिक भी पहुंच रही है, जिससे पार्किंग, शौचालय, कूड़ा निस्तारण व अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रभावित भी हो रही हैं।
एक साल तक चले अध्ययन के बाद शासन को सौंपी गई रिपोर्ट में भूस्खलन के जोखिम कम करने, शुल्क के साथ पंजीकरण व्यवस्था लागू करने व शौचालयों की संख्या बढ़ाने जैसी सिफारिशें भी की गई हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि केदारनाथ में हर घंटे 20 से 30 हेलिकॉप्टर उड़ान भरते हैं, जिनका शोर वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव भी डाल सकता है।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि चारधाम में निकलने वाले 24 प्रकार के अपशिष्टों के प्रबंधन में गंभीर खामियां भी हैं। विशेष रूप से यमुनोत्री में कचरा प्रबंधन सबसे खराब ही पाया गया, जबकि केदारनाथ में भी कूड़ा संग्रहण व निस्तारण की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक केदारनाथ मार्ग पर शौचालयों की क्षमता सीमित भी है, जिससे खुले में शौच की समस्या बढ़ रही है। वहीं पार्किंग की कमी के कारण पीक सीजन में कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें भी लग जाती हैं। रिपोर्ट में घोड़े-खच्चरों के रात में संचालन व उनके साथ कथित क्रूरता का भी उल्लेख किया गया है। WII ने धामों में बेहतर पर्यावरणीय प्रबंधन व आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर जोर भी दिया है।
