Path to Kedarnath blocked by falling debris and rocks; pilgrims halted at Gaurikund.
पितृ अमावस्या के अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। हरकी पैड़ी समेत विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान और पितरों का तर्पण किया। भारी भीड़ के चलते शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और दिल्ली से देहरादून जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया।
सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से स्थानीय लोगों और दूसरे राज्यों से हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। पितरों के निमित्त तर्पण और धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंचे लोग भी जाम में फंसे रहे। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लगा।
देवप्रयाग संगम पर स्नान और पिंडदान के लिए पहुंचे श्रद्धालु
सर्व पितृ अमावस्या और पितृ विसर्जन के अवसर पर शनिवार को देवप्रयाग में भागीरथी और अलकनंदा के संगम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही संगम तट पर लोगों की आवाजाही शुरू हो गई। श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान कर अपने पितरों का विधि-विधान से तर्पण और पिंडदान किया।
इस दौरान लोगों ने पूजा-अर्चना कर अपने पूर्वजों को विदाई दी और पितरों के निमित्त भोजन सामग्री अर्पित की। इसके बाद सूर्य को अर्घ्य देकर पूर्वजों की आत्मा की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई। संगम के घाटों पर सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक रीति-रिवाजों का सिलसिला चलता रहा।
श्रीनगर के अलकनंदा घाटों पर भी उमड़ी भीड़
पितृ विसर्जन के अवसर पर श्रीनगर में अलकनंदा नदी के तट पर स्थित अलकेश्वर घाट, शारदानाथ घाट और आईटीआई घाट पर भी सुबह से श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। लोगों ने नदी में स्नान कर अपने पितरों का तर्पण किया और पूजा-अर्चना के साथ पूर्वजों को विदाई दी।
श्रद्धालुओं ने पितरों के निमित्त भोजन सामग्री अर्पित की और सूर्य को अर्घ्य देकर पूर्वजों की आत्मा की शांति तथा परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। घाटों पर श्राद्ध और तर्पण करने वालों की भीड़ नजर आई। लोगों ने परंपराओं का पालन करते हुए अपने पूर्वजों का स्मरण किया और धार्मिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया।
