नई मुख्यमंत्री स्वरोजगार नीति तैयार: छोटे कारोबार के लिए अब मिलेगा 4 गुना तक ज्यादा ऋण, सब्सिडी में भी इजाफा

देहरादून। प्रदेश सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अब एक नई नीति का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें छोटे व्यापारियों को अब पहले से 4 गुना तक अधिक ऋण भी मिल सकेगा। सीएम स्वरोजगार योजना (MSY) और मुख्यमंत्री स्वरोजगार अति सूक्ष्म (नैनो) योजना को समायोजित कर तैयार की गई इस नई नीति में 50 हजार रुपये की ऋण सीमा को बढ़ाकर अब 2 लाख रुपये तक किया गया है। प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए प्रस्तुत भी किया जाएगा।


कोविड काल में शुरू हुई योजनाओं का होगा समायोजन

कोरोना महामारी के दौरान शुरू की गई सीएम स्वरोजगार योजना और नैनो योजना के तहत अब तक हजारों लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है। अब इन दोनों योजनाओं को मिलाकर एक समग्र नीति के रूप में प्रस्तुत भी किया जा रहा है।

  • एमएसवाई योजना के तहत अब तक 10 से 25 लाख तक ऋण व 15% से 25% तक सब्सिडी भी दी जाती रही है।
  • वहीं नैनो योजना में 50 हजार रुपये तक के ऋण पर 25% से 35% तक की सब्सिडी भी मिलती थी।
    नई नीति में इन दोनों का एकीकरण कर दिया गया है।

नई नीति में सब्सिडी और ऋण की नई दरें

प्रोजेक्ट लागत A व B श्रेणी क्षेत्र C व D श्रेणी क्षेत्र
2 लाख तक 30% 25%
2 लाख से 10 लाख तक 25% 20%
10 लाख से 25 लाख तक 20% 15%

महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन

  • महिलाओं को 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों, नगर पंचायत क्षेत्रों, “एक जिला दो उत्पाद” (ODOP) और GI टैग वाले उत्पादों के लिए भी अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान भी किया गया है।

आने वाले पांच वर्षों में 50 हजार को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य

नई नीति के तहत सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में कम से कम 50 हजार लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है। उद्योग विभाग के सचिव विनय शंकर पांडेय ने बताया कि नई नीति का मसौदा तैयार कर शासन को सौंपा गया है, और इसे जल्द कैबिनेट में पेश भी किया जाएगा।


अब तक कितना मिला लाभ

  • सीएम स्वरोजगार योजना के तहत 31715 लोगों को ऋण उपलब्ध कराया गया, जिससे 95 हजार से अधिक लोगों को रोजगार भी मिला।
  • नैनो योजना के तहत 4658 छोटे उद्यमियों को लाभ भी मिला है।

नई स्वरोजगार नीति से छोटे कारोबारियों, महिलाओं व ग्रामीण उद्यमियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद भी है। इससे न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।