Ceasefire crisis Pakistan frightened by airbase attack, America takes command of mediation amid nuclear threat
नई दिल्ली/इस्लामाबाद/वाशिंगटन। भारत द्वारा किए गए निर्णायक हमलों के बाद पाकिस्तान अब बैकफुट पर आ गया है। सैन्य अड्डों और वायु रक्षा प्रणालियों पर भारत की सटीक कार्रवाई से घबराकर पाकिस्तान ने अमेरिका से संघर्ष विराम के लिए अब मदद मांगी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस व विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तुरंत दखल देते हुए दोनों देशों से संपर्क भी साधा।
पीएम नरेंद्र मोदी से बात के दौरान वेंस ने तनाव कम करने की अपील भी की, लेकिन मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत – पाकिस्तान के हर दुस्साहस का कड़ा जवाब देगा। भारत की ओर से अमेरिका को किसी भी प्रकार की मध्यस्थता का श्रेय ही नहीं दिया गया है।
ड्रोन हमलों और नूर खान एयरबेस पर विस्फोट से डरा पाकिस्तान
तनाव चरम पर तब पहुंचा जब पाकिस्तान ने भारत में 400 से 500 ड्रोन से हमले किए। लेकिन शुक्रवार रात रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस पर धमाकों ने पाकिस्तान को भीतर से भी हिला दिया। यह बेस पाकिस्तान की वायुसेना और परमाणु रणनीतिक इकाई के लिए बेहद अहम भी है।
इस धमाके को भारत की तरफ से एक स्पष्ट चेतावनी भी माना जा रहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो भारत पाकिस्तान की परमाणु क्षमताओं को भी निशाना बना सकता है।
अमेरिका को लगा परमाणु टकराव का खतरा, तत्काल सक्रिय हुआ पेंटागन
अमेरिका ने पाकिस्तान के परमाणु हमले के अप्रत्यक्ष संकेत को भी गंभीरता से लिया। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और पेंटागन में विशेष बैठकें भी हुईं, ताकि संघर्ष को और बढ़ने से रोका भी जा सके।
व्हाइट हाउस ने मान लिया कि सिर्फ कूटनीतिक कॉल्स व बयान अब पर्याप्त नहीं हैं। सऊदी अरब व यूएई जैसे देशों के प्रयासों का भी पाकिस्तान पर कोई खास असर नहीं पड़ा था।
एनएसए वार्ता की अफवाहों पर भारत ने लगाई रोक
पाकिस्तान की तरफ से मीडिया में यह दावा किया गया कि भारत – पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) बातचीत करने वाले हैं। लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय ने इन खबरों को फर्जी बताते हुए साफ कर दिया कि कोई भी एनएसए स्तर की वार्ता ही नहीं होगी। भारत का स्पष्ट रुख है कि पाकिस्तान की ओर से हिंसा व आतंकी हमले जारी रहते हैं, ऐसे में बातचीत का कोई औचित्य ही नहीं।
वेंस की अपील, मोदी का दो टूक जवाब
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जब प्रधानमंत्री मोदी से बात की तो उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि हालात तेजी से पूरे युद्ध में बदल भी सकते हैं। अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार, वेंस ने पीएम मोदी से संयम बरतने को भी कहा, लेकिन मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता ही नहीं करेगा और पाकिस्तान की हर कार्रवाई का सटीक जवाब भी दिया जाएगा।
संघर्ष विराम पर पाकिस्तान का दावा, भारत ने नकारा अमेरिकी दखल
जहां पाकिस्तान ने अमेरिका की मध्यस्थता का हवाला देकर संघर्ष विराम की बात कही, वहीं भारत ने अमेरिकी भूमिका को स्पष्ट रूप से अस्वीकार भी कर दिया है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से अभी भी सीज़फायर उल्लंघन भी हो रहा है, ऐसे में संघर्ष विराम सिर्फ दिखावा ही है।
बढ़ते हमलों से चिंतित अमेरिका, नियंत्रण से बाहर होते हालात
वेंस ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, “हम चिंतित हैं कि कहीं परमाणु शक्तियां आमने-सामने न आ जाएं।”
ट्रंप प्रशासन को डर है कि यदि हालात यूं ही बिगड़ते रहे तो कोई बड़ी वैश्विक सैन्य टकराव भी हो सकता है। भारत शुरू में केवल आतंकी ठिकानों पर हमले कर रहा था, लेकिन पाकिस्तान की ओर से उकसावे के बाद उसने सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
भारत की चेतावनी ने बदले समीकरण
भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी सुरक्षा सर्वोपरि है और वह पाकिस्तान की किसी भी हरकत को बर्दाश्त ही नहीं करेगा। अमेरिका सहित वैश्विक समुदाय की चिंताओं के बावजूद भारत का सख्त रुख पाकिस्तान को बैकफुट पर ले ही आया है।
