मानसून से बढ़ी मुश्किलें, उत्तरकाशी के पांच गांवों का संपर्क खतरे में, प्रदेश में 70 सड़कें बंद
लगातार हो रही बारिश ने उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित कर दिया है। उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड में सांकरी-गंगाड़-ओसला मोटर मार्ग पर हलारा व पूर्ति नालों का जलस्तर बढ़ने से पवाणी, ओसला, गंगाड़, ढाटमीर और तालुका समेत पांच गांवों का संपर्क प्रभावित भी होने लगा है। उफनते नालों के बीच ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं, जबकि दोपहिया वाहनों को पार कराने के लिए कई लोगों की मदद भी लेनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो सेब, राजमा व चौलाई जैसी फसलों की निकासी भी प्रभावित होगी और गांवों का संपर्क पूरी तरह से कट सकता है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पीएमजीएसवाई को सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने व जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं।
इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज व कल प्रदेश के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की चेतावनी भी जारी की है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को अलर्ट पर रखते हुए राहत-बचाव दलों को तैयार रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश भी दिए हैं।
प्रदेशभर में बारिश के कारण 4 राज्य मार्ग समेत कुल 70 सड़कें बंद ही हैं। सबसे अधिक देहरादून व पिथौरागढ़ में 14-14 सड़कें बंद हैं, जबकि चमोली, टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, चंपावत, अल्मोड़ा व नैनीताल में भी कई मार्ग बाधित हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने व अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।