उत्तराखंड निकायों में बड़ा फेरबदल: क्लर्क, कर निरीक्षक और सफाई निरीक्षक बने प्रभारी ईओ, नियमों पर उठे सवाल
देहरादून: उत्तराखंड के शहरी विकास विभाग ने नगर निकायों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए क्लर्क, कर निरीक्षक, सफाई निरीक्षक व लेखा कर्मचारियों समेत 18 कर्मचारियों को विभिन्न नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों का प्रभारी अधिशासी अधिकारी (ईओ) नियुक्त भी किया है।
ये नियुक्तियां उन निकायों में की गई हैं, जहां नियमित ईओ के पद खाली हैं या अधिकारियों को अन्य स्थानों पर तैनात भी किया गया है। सभी आदेश अपर सचिव एवं निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी के नाम से जारी भी किए गए हैं।
हालांकि, इन नियुक्तियों को लेकर सवाल उठने भी लगे हैं। नियमों के अनुसार अधिशासी अधिकारी के पद पर नियुक्ति पदोन्नति या उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से होनी भी चाहिए। वहीं, सफाई निरीक्षक जैसे पदों से प्रभारी ईओ बनाए जाने पर प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज भी हो गई है।
गौरतलब है कि 2 मई 2025 को नैनीताल हाईकोर्ट ने भी नगर निकायों में प्रभारी व्यवस्था व कर्मचारियों की कमी पर राज्य सरकार से जवाब मांगा था व सचिव शहरी विकास को इस संबंध में निर्णय लेने के निर्देश भी दिए थे।
वहीं, शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा का कहना है कि प्रदेश में ईओ के कई पद रिक्त भी हैं। पहले भी प्रभारी ईओ के रूप में कार्य कर चुके कर्मचारियों को ही जिम्मेदारी भी दी गई है और यह व्यवस्था नई नहीं है।