रविवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से मद्महेश्वर पैदल मार्ग पर बणतोली के पास पैदल पुल बह गया था। मदमहेश्वर घाटी में अतिवृष्टि के कारण ग्राम गौंडार में पैदल मार्ग को जोड़ने वाले पुल एवं मार्ग का कुछ हिस्सा बहने के कारण लगभग 250 यात्री फंस गये थे। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ राहत बचाव कार्य में जुट गई। हालांकि अभी तक 120 तीर्थयात्रियों को रेस्क्यू करके बचाया जा चुका है। आपको बता दे कि मद्महेश्वर धाम के बणतोली में पुल ध्वस्त होने से सैकड़ों यात्री फंस गए थे।
दरअसल, भारी बारिश और नदी का जलस्तर अधिक होने के चलते रेस्क्यू कार्य नहीं हो रहा था। जिस कारण बारिश थमने और नदी का जलस्तर कम होने के बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने तीर्थ यात्रियों को रेस्क्यू करने का काम शुरू किया। तीर्थ यात्रियों की संख्या अधिक होने के चलते अब हेली माध्यम से तीर्थयात्रियों का रेस्क्यू कार्य किया जा रहा है। अब तक करीब 120 श्रद्धालुओं रेस्क्यू किया जा चुका है।
SDRF रेस्क्यू टीम द्वारा अत्यधिक विषम परिस्थितियों में घटनास्थल पर पहुँचकर देखा गया कि पूल क्षतिग्रस्त होने से लगभग 200 मीटर मार्ग ध्वस्त हो गया था जिसके दूसरी ओर कुछ यात्री फंसे हुए थे। नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ा होने के कारण नदी पार करना संभव नही था। कमान्डेंट सर के निर्देशानुसार टीम घटनास्थल पर ही बनी हुई थी। आज दिनाँक 16 अगस्त 2023 को SDRF टीम द्वारा पुनः रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए रोप रिवर क्रासिंग मैथेड का प्रयोग करते हुए वहाँ फंसे 120 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया हैं।
