नई टिहरी में देर रात बारिश ने मचाई तबाही, वाल्मीकि बस्ती में घुसे मलबे और पानी से जनजीवन अस्त-व्यस्त

नई टिहरी में सोमवार देर रात हुई भारी बारिश ने भारी तबाही मचा दी। मोलधार क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी के लिए बनी नाली के अवरुद्ध हो जाने से पानी ओवरफ्लो होकर मलबे के साथ वाल्मीकि बस्ती के घरों में घुस गया। घटना के समय अधिकांश लोग सो रहे थे, जिससे बस्ती में अचानक ही अफरा-तफरी मच गई।

कमरों में चार-से-पांच फीट तक भरा मलबा

बारिश और मलबे की मार सबसे ज्यादा राजू, रमेश, शिवचरण, सुनील, बबलू व बालेश के घरों पर पड़ी। उनके घरों के कमरों में 4 से 5 फीट तक मलबा भर गया, जिससे कपड़े, राशन, बिस्तर सहित घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट ही हो गया।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को कई बार जल निकासी व्यवस्था सुधारने की मांग भी की गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम ही नहीं उठाया गया।

केंद्रीय विद्यालय और आंचल डेयरी के पास भी फैला मलबा

निर्माणाधीन केंद्रीय विद्यालय और आंचल डेयरी के समीप स्थित गदेरे (छोटे नाले) से भारी मलबा बहकर मुख्य सड़क तक भी पहुंच गया, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। बावजूद इसके, स्कूल बसों सहित अन्य वाहन मोलधार होते हुए गंतव्य तक पहुंचने में सफल रहे।

स्थानीयों की मांग – स्थायी समाधान हो

घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नाली की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर ठोस कार्रवाई की मांग भी की है। उनका कहना है कि हर बरसात में इसी तरह की समस्याएं सामने आती हैं, लेकिन आज तक स्थायी समाधान ही नहीं हुआ है।