जासूसी फिल्म जैसी साजिश में हुई गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या, शूटर अलग-अलग रास्तों से पहुंचे थे दून
विक्रम शर्मा हत्याकांड की साजिश किसी जासूसी फिल्म की कहानी की तरह ही रची गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के लिए 3 शूटर अलग-अलग साधनों से हरिद्वार पहुंचे, वहां एक साथ मिले और फिर देहरादून आकर घटना को अंजाम भी दिया। वारदात के बाद तीनों आरोपी एक साथ घटनास्थल से निकले, लेकिन हरिद्वार से आगे अलग-अलग माध्यमों से फरार भी हो गए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक आरोपी फ्लाइट से, दूसरा ट्रेन से और तीसरा किसी अन्य वाहन से उत्तराखंड में पहुंचा था। ट्रेन से आने वाला आरोपी वापस ट्रेन से ही लौट गया, जबकि बाकी 2 अलग-अलग रास्तों से फरार भी हो गए। पुलिस जांच में आकाश, आशुतोष व विशाल नाम के 3 शूटरों का जिक्र सामने आया है, हालांकि सूत्रों का कहना है कि इनकी मदद करने वाले अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड की सुपारी बेहद शातिर अपराधियों को दी गई थी और पूरी योजना इतनी सुनियोजित तरीके से बनाई गई कि खुलासा करना चुनौती भी बन गया है। घटना के 4 दिन बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। आशंका जताई जा रही है कि शूटरों को परिवहन व अन्य व्यवस्थाओं में कुछ लोगों ने सहयोग दिया।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि मामले में कई लोगों से पूछताछ की गई है और पुलिस को कुछ अहम सुराग भी मिले हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास भी किए जा रहे हैं।
इस बीच, विक्रम शर्मा की पत्नी ने अपने देवर अरविंद शर्मा पर भी हत्या का आरोप भी लगाया है। बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से प्रॉपर्टी और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों के बयानों के आधार पर इस एंगल से भी जांच कर रही है।
आरोपियों की तलाश में उत्तराखंड पुलिस की टीमें झारखंड में भी दबिश दे रही हैं और शूटरों के करीबियों पर शिकंजा भी कसा जा रहा है। एसएसपी का कहना है कि पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा भी करेगी।
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को देहरादून स्थित सिल्वर सिटी मॉल में विक्रम शर्मा को उस समय गोली भी मार दी गई थी, जब वह जिम से बाहर निकल रहा था। सीढ़ियों पर घात लगाए हमलावरों ने उसके सिर पर बेहद नजदीक से ही गोली चलाई थी। विक्रम पर झारखंड में 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं और वह काशीपुर में स्टोन क्रशर व प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा हुआ था।